त्योहारों के सीजन की शुरुआत के साथ ही भारतीय सर्राफा बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। खासतौर पर धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में भारी तेजी आने से आम ग्राहकों की जेब पर सीधा असर पड़ा है। स्थानीय ज्वेलर्स की ओर से मांग बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के मजबूत संकेतों के कारण कीमती धातुओं के भाव आसमान छूने लगे हैं।
दिल्ली में सोने और चांदी के नए दाम
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने-चांदी के दामों में जोरदार तेजी दर्ज की गई है:
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सोने की कीमत: 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने के भाव में जबरदस्त उछाल आया है। इसके बाद दिल्ली में सोना सभी टैक्स और शुल्कों सहित 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है।
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चांदी की कीमत: केवल सोना ही नहीं, बल्कि चांदी ने भी खरीदारों को चौंका दिया है। चांदी की कीमत में एक ही दिन में बड़ा उछाल आया है और यह बढ़कर 1,93,000 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
क्यों अचानक महंगे हुए सोना और चांदी?
कीमतों में आई इस अचानक तेजी के पीछे घरेलू और वैश्विक दोनों तरह के कारण जिम्मेदार हैं:
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त्योहारी मांग: देश के भीतर धनतेरस और शादियों के सीजन को देखते हुए खुदरा और स्थानीय स्तर पर ज्वैलरी की मांग में भारी बढ़ोतरी हुई है।
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वैश्विक रिकवरी: जानकारों के अनुसार, अक्टूबर के अपने ऊंचे स्तर से कुछ मुनाफावसूली के बाद विदेशी बाजारों में फिर से जबरदस्त तेजी लौटी है।
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पिछले साल से तुलना: हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस बार दाम नियंत्रण में दिख रहे हैं, लेकिन हालिया रिकवरी ने कीमतों को फिर ऊपर ला खड़ा किया है।
अमेरिकी चुनाव और ग्लोबल मार्केट का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्पॉट गोल्ड में जोरदार उछाल देखा गया है, जिससे सोना एक बार फिर 4,000 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया है। वैश्विक विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी राजनीतिक घटनाक्रम और मिड-टर्म चुनावों के नतीजों के चलते अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आई है, जिसके परिणामस्वरूप निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश यानी सोने और चांदी की तरफ तेजी से बढ़ा है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत औद्योगिक मांग के चलते चांदी के तेवर भी बेहद आक्रामक बने हुए हैं।


















