दिवाली पर दक्षिणावर्ती शंख की स्थापना का महत्व: मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के अचूक उपाय और पूजा विधि

दीपावली का पावन पर्व धन, वैभव और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए लोग विभिन्न प्रकार के उपाय और अनुष्ठान करते हैं। कोई चांदी का सिक्का खरीदता है, तो कोई गोमती चक्र और कौड़ियां घर लाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिवाली की लक्ष्मी पूजा में दक्षिणावर्ती शंख (Dakshinavarti Shankh) की स्थापना करना अत्यंत शुभ और चमत्कारिक फलदायी माना जाता है? धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस शंख को घर में स्थापित करने से सुख-समृद्धि, कारोबार में तरक्की और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

क्यों खास माना जाता है दक्षिणावर्ती शंख?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दक्षिणावर्ती शंख को साक्षात माता लक्ष्मी का भाई और उनका प्रिय प्रतीक माना जाता है।

  • बनावट: सामान्य शंख का मुख बाईं ओर खुलता है, जबकि दक्षिणावर्ती शंख का मुख दाईं ओर खुलता है। इसे बेहद दुर्लभ और पवित्र माना जाता है।

  • पौराणिक महत्व: समुद्र मंथन के दौरान मां लक्ष्मी के साथ ही शंख की भी उत्पत्ति हुई थी, इसलिए इसका संबंध सीधे माता लक्ष्मी से जोड़ा जाता है।

  • फल: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिस घर में दक्षिणावर्ती शंख की विधि-विधान से पूजा होती है, वहां कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती और कारोबार, करियर व स्वास्थ्य में सुखद परिणाम मिलते हैं।

दिवाली पर दक्षिणावर्ती शंख स्थापित करने की सही विधि

दीपावली की शाम को मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के पूजन के समय ही दक्षिणावर्ती शंख की स्थापना करना सबसे उत्तम माना जाता है:

  1. शुद्धिकरण: सबसे पहले शंख को स्वच्छ जल या गंगाजल से अच्छी तरह साफ कर लें।

  2. आसन: पूजा स्थल पर एक साफ लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर शंख को उस पर स्थापित करें।

  3. पूजन सामग्री: शंख पर गंगाजल छिड़कें और उस पर अक्षत (चावल), चंदन और ताजे पुष्प अर्पित करें।

  4. विशेष उपाय: शंख के अंदर थोड़े से अक्षत या चांदी का सिक्का रखना बेहद शुभ माना जाता है। माता लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाकर विधि-विधान से पूजा करें।

दक्षिणावर्ती शंख के चमत्कारी मंत्र

दिवाली की रात पूजा के दौरान मां लक्ष्मी के इन विशेष मंत्रों का जाप करना चाहिए, जिससे घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है:

मंत्र: ऊँ ह्रीं श्रीं नम: श्रीधरकरस्थाय पयोनिधिजातायं लक्ष्मीसहोदराय फलप्रदाय फलप्रदाय श्री दक्षिणावर्त्त शंखाय श्रीं ह्रीं नम:। ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।

घर में किस दिशा में और कैसे रखें शंख?

  • सही स्थान: वास्तु और धार्मिक नियमों के अनुसार दक्षिणावर्ती शंख को हमेशा घर के मंदिर या पूजा स्थल के स्वच्छ स्थान पर ही रखना चाहिए।

  • रंग: इसे हमेशा लाल या पीले वस्त्र के आसन पर ही विराजित करें।

  • नियमित देखभाल: शंख को हमेशा साफ-सुथरा रखें। इसकी नियमित पूजा करें और इसके आस-पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। इसे कभी भी ऐसी जगह न रखें जहां किसी के पैर लग सकें।

 

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