Dhanteras 2026: धनतेरस पर भूलकर भी न करें इन 5 चीजों का लेन-देन, छिन सकती है घर की सुख-समृद्धि और बरकत; जानें क्या कहता है ज्योतिष

नई दिल्ली: दीपों का पावन महापर्व दिवाली अब बेहद करीब है। पांच दिनों तक चलने वाले इस प्रकाशोत्सव का शुभारंभ धनतेरस के साथ होता है, जो इस वर्ष 6 नवंबर को मनाया जाएगा। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, धनतेरस पर नई वस्तुओं की खरीदारी करना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई धातुएं और अन्य वस्तुएं परिवार में खुशहाली, सुख और समृद्धि लाती हैं। जिस तरह शास्त्रों में धनतेरस पर कुछ खास चीजों की खरीदारी को अत्यंत फलदायी बताया गया है, ठीक उसी तरह इस पावन दिन पर कुछ विशिष्ट वस्तुओं को दूसरों को देने की सख्त मनाही की गई है। ज्योतिष और लोक मान्यताओं के मुताबिक, इस दिन कुछ चीजों का लेन-देन घर की बरकत को प्रभावित कर सकता है। आइए जानते हैं कि धनतेरस के दिन किन 5 चीजों को देने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।

नमक का दान या लेन-देन करने से बचें

हिंदू दर्शन और वास्तु शास्त्र में नमक को सकारात्मक ऊर्जा और पारिवारिक आर्थिक स्थिरता का सबसे मजबूत प्रतीक माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन किसी भी बाहरी व्यक्ति या पड़ोसी को अपने घर से नमक नहीं देना चाहिए। इस दिन नमक का लेन-देन करने से घर की सकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाती है और आर्थिक संकट पैदा होने की आशंका बढ़ जाती है।

धारदार और नुकीली वस्तुएं किसी को उपहार में भी न दें

चाकू, कैंची, सुई या अन्य किसी भी प्रकार की पैनी और धारदार वस्तुएं धनतेरस के दिन न तो खरीदें और न ही किसी को दें। यदि आप किसी प्रियजन को उपहार देने का विचार कर रहे हैं, तो भी इन नुकीली चीजों से दूर रहें। ज्योतिष के अनुसार, धारदार वस्तुएं रिश्तों में तनाव, कटुता और घर में नकारात्मकता का प्रवेश कराने का कारण बनती हैं।

घी और तेल देने से प्रभावित होती है सुख-समृद्धि

सनातन परंपरा में घी और तेल को प्रकाश, देव पूजा और संपूर्ण वैभव से जोड़कर देखा जाता है। दीपावली की पूर्व संध्या पर इनका आध्यात्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। धनतेरस के दिन घर से किसी को भी घी या तेल देने से बचना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इस दिन इनका लेन-देन करने से घर के सौभाग्य और वैभव पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

धन और रुपये-पैसे का उधार लेन-देन पूरी तरह वर्जित

धनतेरस का पावन पर्व धन की देवी मां लक्ष्मी और धन के कोषाध्यक्ष भगवान कुबेर को समर्पित है। इस दिन किसी को भी धन, नकदी या कर्ज उधार देने से साफ मना किया गया है। धार्मिक जानकारों का मानना है कि धनतेरस पर अपने घर से धन का बाहर जाना या उधार देना साक्षात लक्ष्मी को विदा करने के समान माना जाता है, जिससे घर की बरकत और संचित पूंजी प्रभावित हो सकती है।

कांच और शीशे से बने सामान से बनाएं दूरी

ज्योतिष शास्त्र में कांच का सीधा संबंध छाया ग्रह राहु से माना जाता है, जो जीवन में भ्रम, आकस्मिक परेशानियां और अप्रत्याशित संकट लाने वाला ग्रह है। धनतेरस के शुभ अवसर पर कांच के बर्तन, आईना या शीशे से निर्मित कोई भी वस्तु किसी को भेंट या उपहार के रूप में नहीं देनी चाहिए। इस दिन कांच का लेन-देन घर में मानसिक तनाव और अनावश्यक बाधाओं को आमंत्रित कर सकता है।

 

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