मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में दीपोत्सव 2026 के अवसर पर मंगलवार शाम को अलौकिक दृश्य देखने को मिला, जब साकेत महाविद्यालय परिसर पूरी तरह से राममय रंग में रंग गया. उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच भव्य व अलौकिक झांकियों को हरी झंडी दिखाकर लता मंगेशकर चौक के लिए रवाना किया. झांकियों के प्रस्थान करते ही “जय श्रीराम” और “हर हर महादेव” के गगनभेदी जयकारों से पूरा ऐतिहासिक रामपथ गूंज उठा.
रामचरितमानस के सातों कांड और सरकारी योजनाओं की जीवंत झांकियां
इस बार की झांकियों की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें रामचरितमानस के सभी सातों कांडों को बेहद कलात्मक और जीवंत रूप में दर्शाया गया है. राम दरबार, धनुष यज्ञ, भगवान राम का वनवास, सीता खोज, लंका दहन और भव्य राज्याभिषेक जैसी झांकियां सड़कों पर श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी रहीं. इसके साथ ही, धार्मिक प्रसंगों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की मुख्य जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे महिला सुरक्षा, सुरक्षित यूपी, विकसित भारत, ‘मेरा घर मेरा अभिमान’ और ‘जल जीवन मिशन’ को भी झांकियों के जरिए प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया.
देश के कोने-कोने से आए लोक कलाकारों का सांस्कृतिक संगम
झांकियों के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए नामचीन लोक कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से पूरे माहौल में अद्भुत ऊर्जा भर दी. गुजरात के मनमोहक गरबा, राजस्थान के प्रसिद्ध घूमर, पंजाब के जोशीले भांगड़ा और छत्तीसगढ़ के पारम्परिक पंथी नृत्य ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया. ढोल-मंजीरों की थाप और घुंघरुओं की छनकार से पूरी रामनगरी का माहौल आध्यात्मिक भक्तिरस में डूब गया.
रामपथ पर उमड़ा जनसैलाब, पुष्प वर्षा से स्वागत और कड़ा सुरक्षा घेरा
झांकियों के इस विहंगम दृश्य को अपनी आंखों में कैद करने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु रामपथ के दोनों ओर कतारबद्ध होकर खड़े नजर आए. जैसे-जैसे झांकियां आगे बढ़ती गईं, श्रद्धालुओं ने अपने घरों की छतों और पंडालों से लगातार पुष्प वर्षा कर कलाकारों का भव्य स्वागत किया, जबकि छोटे-छोटे बच्चे हाथों में दीप और भगवा ध्वज लेकर उत्साहपूर्वक चलते दिखाई दिए.
कार्यक्रम के दौरान अयोध्या जनपद के सभी विधायक मंच पर मौजूद रहे. अयोध्या के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि यह आयोजन अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आने वाली नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सबसे बड़ा और सशक्त माध्यम है. वहीं, प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े व पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जहां पूरे रूट पर मजबूत बैरिकेडिंग, सीसीटीवी सर्विलांस और भारी पुलिस बल तैनात रहा. संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि दीपोत्सव अब केवल अयोध्या का नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए अटूट आस्था, परंपरा और संस्कृति का महान प्रतीक बन चुका है.



















