उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर बेहद डराने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में बेखौफ अपराधियों ने महज 72 घंटे के भीतर तीन दर्दनाक हत्याओं और तीन बड़ी गोलीकांड की वारदातों को अंजाम देकर पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दे डाली है। जरिया थाना क्षेत्र में शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई, तो वहीं बिंवार में बच्चों के मामूली विवाद की शिकायत करने गए एक युवक को फावड़े से काटकर मौत के घाट उतार दिया गया। इसके अलावा, जिला मुख्यालय पर एक फल विक्रेता की सरेआम गोली मारकर हत्या किए जाने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मौदहा और मुस्करा में भी गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं, और सबसे चिंताजनक बात यह है कि खबर लिखे जाने तक पुलिस किसी भी मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाब नहीं हो पाई है।

जरिया और बिंवार: आपसी और मामूली रंजिशें कैसे बन गईं खूनी?
हमीरपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में मामूली कहासुनी और आपसी विवाद अब कितने खतरनाक रूप लेते जा रहे हैं, इसकी बानगी जरिया और बिंवार की इन वारदातों से मिलती है:
-
जरिया थाना क्षेत्र: यहाँ शराब पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर उपजा मामूली विवाद कुछ ही पलों में इतना तूल पकड़ गया कि एक युवक की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई।
-
बिंवार थाना क्षेत्र: बच्चों के बीच खेल-खेल में हुए एक छोटे से विवाद को सुलझाने और उसकी शिकायत करने गए एक युवक पर कुछ लोगों ने ताबड़तोड़ फावड़े से हमला कर दिया। इस गंभीर और brutal हमले में युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
इन दोनों दिल दहला देने वाली घटनाओं के बाद से स्थानीय ग्रामीणों और आम नागरिकों में भारी गुस्सा, आक्रोश और डर का माहौल बना हुआ है।
जिला मुख्यालय पर फल विक्रेता की हत्या और सड़क पर उतरा जनआक्रोश
हमीरपुर के जिला मुख्यालय पर एक निर्दोष फल विक्रेता की सरेआम गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है। इस दुस्साहसिक वारदात के विरोध में आक्रोशित परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने न्याय की मांग करते हुए राज्यमार्ग के कालपी चौराहे पर शव को रखकर जोरदार जाम लगा दिया और अपना तीव्र विरोध जताया।
इस चक्काजाम और भारी विरोध प्रदर्शन के बाद हरकत में आई पुलिस ने आखिरकार इस मामले में मुकदमा दर्ज किया। जिला मुख्यालय पर हुई इस वारदात के साथ-साथ मौदहा और मुस्करा थाना क्षेत्रों में सामने आए गोलीकांड ने हमीरपुर पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी है और कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
पुलिस पर उठे सवाल, आरोपियों की तलाश में जुटी टीमें
महज तीन दिनों के भीतर एक के बाद एक तीन हत्याओं और ताबड़तोड़ गोलीबारी की वारदातों के सामने आने के बाद जिले की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे नजर आ रही है। हालांकि, पुलिस के उच्चाधिकारी इन सभी मामलों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं और आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
बावजूद इसके, अभी तक किसी भी मामले में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होना हमीरपुर पुलिस की कार्यशैली और सुस्त कार्रवाई पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। अब देखना यह होगा कि पुलिस कब तक इन कुख्यात अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाकर जनता का भरोसा बहाल कर पाती है।
















