मास्टर माइण्ड अपराधी मिथुन को एडीएम ने किया जिलाबदर !

जरवल की चेयरमैन पति पर प्रशासन की गिरी गाज रात के अधियाले मे नाटकीय ढंग से कस्बा छोड़ गैर जनपद मे डाला डेरा

कानून का चाबूक चलते ही गुम हो गई हिस्ट्रीसीटर की हेकड़ी

भास्कर ब्यूरो
जरवल/बहराइच। जिला प्रशासन ने यह साबित कर ही दिया कि कानून के हाथ कितने लंबे होते है।यह खबर जंगल में आग की तरह उस समय पहुँची जब जिला प्रशासन से लम्बे समय से पुलिस व जिला प्रशासन से गलबहियां का खेल-खेल रहा इंतजार अहमद उर्फ मिथुन पर जिला बदर की कार्यवाही हुई।बताते चले जरवल चेयरमैन तस्लीम बानो का वह पति भी है। जिस पर जिला बदर की कार्यवाही जिला प्रशासन ने कर दी है।सूत्रों की माने तो जरवल चेयरमैन तस्लीम बानो के पति इंतजार अहमद उर्फ मिथुन के ऊपर डेढ़ दर्जन से अधिक गंभीर धाराओं के मुकदमे के मामले दर्ज हैं,जिसमें धोखाधड़ी ,गुण्डा एक्ट, एससीएसटी एक्ट समेत तमाम मुकदमे दर्ज है।जानकार बात रहे हैं कि जरवल नगर पंचायत के चेयरमैन तस्लीम बानो के पति इन्तिजार अहमद उर्फ मिथुन पर अपर जिलाधिकारी बहराइच ने जरवलरोड पुलिस की आख्या के आधार पर जिला बदर की कार्रवाई की है.जरवलरोड पुलिस ने अपनी क्रिमिनल हिस्ट्री में चेयरमैन पति मिथुन पर गुंडा एक्ट, जुआ अधिनियम, एससीएसटी,धोखाधड़ी समेत गंभीर धाराओं में डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे जरवलरोड थाने में पंजीकृत हैं। पुलिस ने अपनी आख्या मे कहा है कि विपक्षी अत्यन्त दुस्साहसिक प्रकृति का व्यक्ति है। इनके विरुद्ध पंजीकृत अपराध से स्पष्ट है कि अपराधिक कार्य करने का अभ्यस्त है,तथा गुंडा किस्म का ब्यक्ति है। जिसका स्वतंत्रता से घूमना जनहित एवं न्याय हित में नहीं है ।यह ब्यक्ति जिला बदर होने के योग्य है। पुलिस की रिपोर्ट के परिक्षण के आधार पर वादी प्रतिवादी की बहस सुनने के बाद अपर जिलाधिकारी बहराइच ने जरवल चैयरमैन के पति मिथुन को 6 माह के लिए जिला बदर करने का आदेश दिया है।निवास करने वाले स्थान पर जिले के एसपी से मिलकर सम्बंधित थाने मे 15 दिन मे उपस्थित होकर हाजिर होते रहे।जानकार बता रहे हैं कि उक्त जिलाबदर के आदेश की जानकारी होने पर उसने तमाम लोगो को घर बुला कर लोगो से भावनात्मक संवाद किया फिर रात के अधियाले मे बड़े ही नाटकीय ढंग से जनपद की सीमा को छोड़ दिया।

राजनीति मे खूब दखल रखता था ये अपराधी
जरवल।
मास्टर माइंड अपराधी मिथुन का राजनीति मे भी पुराना रिश्ता था बातों-बातों मे लोगो को फसाना उसकी फितरत मे भी सुमार है।सूत्रों की माने तो ये अपराधी अपने को बचाने के लिए कभी सपा तो कभी कांग्रेस मे भी इसके गहरे रिस्ते की बाते भी होती रहती है कुछ तथाकथित सत्ता पक्ष के नेताओ से भी अपना उल्लू सीधा करवाने मे महारत हासिल कर रखा था जिसके वजह से यह अपने काले कारनामो पर पर्दा डालने मे भी नही चुकता था आज सारी हेकड़ी पर जिला प्रशासन ने विराम लगा दिया।

पैसे के दम पर रसूक दार लोगो से करता था गलबहियां
जरवल।
लम्बे समय से जरवल की चेयरमैन तस्लीम बानो का पति इंतजार अहमद उर्फ मिथुन पुलिस से भी गलबहियां कर बचता आ रहा था।अपने जनपद की कौन कहे गैर जनपद के कुछ पुलिस कर्मियों मे भी इसका नेटवर्क था जिसका यह बखूबी फायदा भी उठाता था।पैसा के दम पर राजनीति करना भी ये शख्स खूब जानता था।जो आज चर्चा का विषय बन गया।

विधानसभा चुनाव से पूर्व आ गया था सपा के नेटवर्क मे
जरवल। जिलाबदर हुआ चेयरमैन पति इंतजार अहमद उर्फ मिथुन का कांग्रेस से तो गलबहियां थी ही।विधानसभा के चुनाव से चंद रोज पहले इसने सपा का दामन थाम कर सपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव भी बन बैठा था यदि सपा की सरकार बनती तो कस्बे के तमाम लोग इसके रडार पर थे जिसकी भी चर्चा आम थी।

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