अग्निवीर सेना भर्ती: असफल हुए अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले को एसटीएफ ने दबोचा

मिलिट्री इंटेलीजेंस की सूचना पर हुई कार्रवाई, पास कराने के नाम पर ले रहा था तीन-तीन लाख रुपये

भास्कर समाचार सेवा
मेरठ। अग्निवीर सेना भर्ती रैली में असफल हुए अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गैंग का खुलासा एसटीएफ उप्र ने किया है। पुलिस ने गैंग सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपना नाम वेल नारायण मानन्धर पुत्र विष्णु नारायण मानन्धर निवासी क्याक्मी थाना बैदाम जिला स्याजयस नेपाल बताया। जिसके पास से मोबाइल, आधार कार्ड, नेपाली नागरिकता प्रमाण पत्र, 17 हजार रुपये की नेपाली करेंसी, 800 रुपये की भारतीय करेंसी बरामद की गई। आरोपी को शहीद पार्क थाना कैंट जनपद वाराणसी से पकड़ा गया।

एसटीएफ उप्र के अपर पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया, विगत कुछ दिनों से वाराणसी एवं इसके आस-पास के जनपदों से अग्निवीर सेना में भर्ती कराने के नाम पर कुछ जालसाजों द्वारा बेरोजगार युवकों को ठगने की सूचना मिलिट्री इंटेलीजेंस (एमआई) वाराणसी से प्राप्त हुई थी। इस पर एसटीएफ की वाराणसी इकाई को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। इसी क्रम में एसटीएफ फील्ड इकाई वाराणसी के निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। गत 16 नवंबर से 06 दिसंबर तक जनपद वाराणसी के सेना भर्ती सेंटर 39 जीटीसी कैंटोंमेंट में अग्निवीर सेना भर्ती रैली सम्पन्न हुई, जिसमें कुछ जालसाजों द्वारा असफल हुए अभ्यर्थियों को पास कराने का झांसा देकर 03-03 लाख रुपए ठगने की सूचना मिलिट्री इंटेलीजेंस (एमआई) वाराणसी से प्राप्त हुई थी। मंगलवार को मिलिट्री इंटेलीजेंस (एमआई) वाराणसी एवं अभिसूचना संकलन के माध्यम से ज्ञात हुआ कि आर्मी में भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के एक सदस्य द्वारा असफल अभ्यर्थियों को शहीद पार्क थाना कैंट वाराणसी में मेडिकल कराने के नाम पर बुलाया गया है। उक्त सूचना पर निरीक्षक अनिल सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ वाराणसी की टीम द्वारा मौके पर पहुँचकर वहां मौजूद लड़कों की निशानदेही पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी नेपाल का निवासी है। विगत 06 माह से नमस्ते रेस्टोरेंट कैंट में खाना बनाता है। वहीं पर नेपाल के रहने वाले दिवस विश्वकर्मा जो 39 जीटीसी में डी कंपनी में सिपाही के पद पर कार्यरत है, से इसकी मुलाकात हुई। उसी ने बताया कि अग्निवीर भर्ती रैली होने वाली है, यदि कोई अभ्यर्थी हो तो बताना। इस पर आरोपी द्वारा मिजार्पुर के रहने वाले आयुष सिंह से सम्पर्क स्थापित किया। आयुष द्वारा चंदौली के रहने वाले अपने तीन अन्य साथी सचिन, विरेन्द्र और मनीष को भी दिवस विश्वकर्मा से मिलवाया। दिवस विश्वकर्मा द्वारा इन चारों अभियुक्तों से अपने एकाउंट में कुछ पैसे भिजवाया गया तथा शेष कैश के रूप में लिया गया। इन लोगों द्वारा चारों अभ्यर्थियों का मेडिकल कराने के लिए शहीद पार्क में बुलाया था, वहीं से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

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