आयुष्मान भारत योजना : जनपद में अब तक 1700 से ज्यादा लोगों को मिला लाभ

पूरे जिले में हैं 72 हजार लाभार्थी, 29 अस्पतालों में करा सकते हैं  इलाज

सरकार ने निजी अस्पतालों को 1.1 करोड़ का किया भुगतान

गाजियाबाद। आयुष्मान भारत योजना के तहत जनपद में अब तक 1700 से अधिक लोग उपचार कराकर लाभान्वित  हो चुके हैं। योजना सितम्बर  2018 से शुरू की गई थी। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एनके गुप्ता ने बताया कि योजना के तहत  जनपद में अब तक 72000  लाभार्थी पंजीकृत किए जा चुके हैं। 32000 से अधिक गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। सीएमओ ने बताया कि जनपद में अब तक कुल 29 निजी और सरकारी अस्पताल योजना में शामिल किए गए हैं। आयुष्मान योजना के लाभार्थी इन सभी अस्पतालों में जाकर पांच लाख रूपए तक का उपचार करा सकते हैं।

सीएमओ ने बताया कि अब तक सरकार आयुष्मान योजना के तहत उपचार करने के  एवज में निजी अस्पतालों को 1.1  करोड़  रूपए का भुगतान कर चुकी है। योजना के लाभार्थी सूचीबद्ध अस्पतालों में जाकर आयुष्मान मित्र से मिलकर पूरी जानकारी लेने के बाद उपचार करा सकते हैं। लाभार्थी को अस्पतालों को कोई भुगतान नहीं करना होता है। पांच लाख तक का उपचार उन्हें निशुल्क मिलता है।

सीएमओ ने बताया कि आयुष्मान योजना के लाभार्थी का उपचार करने के बाद अस्पताल सीधे स्टेट हेल्थ अथॉरिटी (एसएचए) को बिल भेजकर भुगतान प्राप्त कर लेते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष तक जनपद में योजना के कुल 57000 लाभार्थी पंजीकृत किए गए थे। जनवरी से मार्च 2019 के बीच योजना में पंजीकरण के लिए कुल 20000   फार्म अपलोड किए गए थे, इनमें से 15,600 आवेदन स्वीकृत हो गए। इस प्रकार अब तक जनपद में 72 हजार से अधिक लाभार्थी पंजीकृत किए जा चुके हैं।

डासना के चांद मोहम्मद का बदला गया कूल्हा :

डासना निवासी 56 वर्षीय चांद मोहम्मद कूल्हे से परेशान थे। मेहनत मजदूरी कर परिवार का  गुजर बसर करने वाले चांद मोहम्मद के पास इतने पैसे नहीं थे कि प्राइवेट अस्पताल में जाकर कूल्हे का ऑपरेशन करा सकें। ऐसे में आयुष्मान भारत योजना चांद के लिए वरदान साबित हुई। मानव अस्पताल में उनका कूल्हा बदला गया। इस पर 90 हज़ार रुपये का खर्च आया, अस्पताल ने उपचार करने के बाद चांद मोहम्मद को घर भेज दिया और सरकार से अस्पताल ने अपना भुगतान प्राप्त कर लिया। अब चांद मोहम्मद आराम से चल फिर रहे हैं।

वरुण ने एल्बो फ्रैक्चर होने पर कराया ऑपरेशन :

विजयनगर के सेक्टर-9 में रहने वाले वरुण पुत्र सोमदत्त की बायीं कोहनी में फ़्रैक्चर हो गया था। उन्होंने निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराया। जहां कुल 30 हज़ार रुपये का बिल बना। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले वरुण के लिए यह रकम काफी बड़ी थी लेकिन आयुष्मान भारत योजना के चलते वरुण को एक पैसा भी नहीं देना पड़ा। विजयनगर निवासी 60 वर्षीय मुबारक अली को फैटी लीवर की तकलीफ थी। एक सप्ताह तक मुबारक अली को जिला एमएमजी अस्पताल में भर्ती रखकर उपचार किया गया। तमाम जांचें भी हुईं। हालत में सुधार होने पर अस्पताल से घर भेज दिया गया। उनका कहना है कि आयुष्मान भारत योजना के चलते उनका उपचार निशुल्क हो गया।

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