अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से लिया संन्यास, वीडियो शेयर कर भावुक अंदाज में कही बड़ी बात

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए एक बड़ी और भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। टीम इंडिया के अनुभवी बल्लेबाज और ‘मिस्टर डिपेंडेबल’ के नाम से मशहूर अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में अपने बल्ले का लोहा मनवाने वाले रहाणे ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर इस फैसले की जानकारी दी। रहाणे का यह फैसला क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक युग के अंत जैसा है।

‘हर शुरुआत का एक अंत होता है’ — रहाणे का भावुक संदेश

अपने संन्यास का ऐलान करते हुए अजिंक्य रहाणे ने कहा कि जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की शुरुआत होती है और एक अंत भी होता है। जब समय आता है, तो हमें उसका सम्मान करना होता है और आगे बढ़ना होता है। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने मैदान पर हमेशा अपनी टाइमिंग पर भरोसा किया है और अब उन्हें लगता है कि इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने का यह बिल्कुल सही समय है।

आंकड़ों में रहाणे का शानदार करियर

अजिंक्य रहाणे का अंतरराष्ट्रीय करियर बेहद शानदार और उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने भारत के लिए 85 टेस्ट मैचों में 5077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक शामिल हैं। वहीं 90 वनडे मुकाबलों में उनके नाम 2962 रन दर्ज हैं। इसके अलावा उन्होंने देश के लिए 20 टी-20 इंटरनेशनल मैच भी खेले। टेस्ट क्रिकेट में भारतीय मध्यक्रम की रीढ़ रहे रहाणे ने मुश्किल परिस्थितियों में हमेशा टीम को संभाला है।

2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा और गाबा का ऐतिहासिक फतह

अजिंक्य रहाणे के करियर का सबसे सुनहरा पन्ना 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लिखा गया। एडिलेड टेस्ट में भारतीय टीम के महज 36 रन पर ढेर होने और नियमित कप्तान विराट कोहली के वतन लौटने के बाद रहाणे ने टीम की कमान संभाली थी। दबाव के उन पलों में उन्होंने मेलबर्न टेस्ट में कप्तानी शतक जमाकर भारत को धमाकेदार जीत दिलाई। इसके बाद ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर युवा खिलाड़ियों के साथ इतिहास रचते हुए ऑस्ट्रेलिया का 32 साल पुराना अजेय रिकॉर्ड तोड़ा और सीरीज 2-1 से भारत की झोली में डाल दी।

संन्यास के बाद भी क्रिकेट से जुड़े रहेंगे रहाणे

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद रहाणे ने स्पष्ट किया कि खेल के साथ उनका रिश्ता कभी खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी के रूप में उनका अध्याय भले ही समाप्त हो रहा हो, लेकिन इस खेल ने उन्हें जो कुछ भी दिया है, उसे वापस लौटाने का समय आ गया है। वह अगली पीढ़ी के युवा खिलाड़ियों को तराशने और अपने अनुभवों को साझा करने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं।

 

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha