43 दिनों तक चलेगी बाबा अमरनाथ की यात्रा, खास सुरक्षा योजना तैयार

जम्मू-कश्मीर में इसी महीने अमरनाथ यात्रा शुरू होने जा रही है। 30 जून से शुरू हो रही ये यात्रा पूरे 43 दिन चलेगी। लेकिन इस वक्त सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि घाटी में इन दिनों टारगेट किलिंग की दहशत बढ़ी हुई है। ऐसे में अमरनाथ यात्रा में सुरक्षा को लेकर हर किसी के जहन में सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि लोगों की सुरक्षा को लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सुरक्षित योजना तैयार की है। इस योजना के तहत इस बार अमरनाथ यात्रा को बिना किसी खौफ के संचालित किया जा सकेगा। जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ ही पुलिस प्रसाशन भी यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

इसी क्रम में जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई शिविरों का दौरा किया है। अपने दौरे के जरिए उन्होंने हर उस संभावना को खंगालने की कोशिश जहां से किसी भी तरह की कोई चूक ना हो सके।डीजीपी ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के अधिकारियों के साथ अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी ने अखरोट फैक्ट्री काजीगुंड, रामबन में लम्बर और एफसी मीर-बाजार में अमरनाथ यात्रा के बने शिविरों को विजिट किया। उन्होंने ये सुनिश्चित किया कि, इन शिविरों में सुरक्षा के जरूरी पुख्ता इंतजाम किस तरह किए जा रहे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने CRPF अधिकारियों से नवयुग सुरंग में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बातचीत की है। बताया जा रहा है कि इस सुरंग के जरिए भी यात्रा को सफल बनाने की कोशिश की जा रही है।

डीजीपी दिलबाग सिंह ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था और उससे जुड़े आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा की रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में चप्पे-चप्पे पर पुलिस प्रशासन की पैनी नजर बनी रहेगी। ताकि किसी भी रास्ते दहशतगर्दों को मौका ना मिले।

निगरानी बढ़ाने के दिए ये निर्देश

डीजीपी ने पुलिस आला अधिकारियों को भी हर कोने, सड़क, इमारत से लेकर सुनसान राहों तक निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नेशनल हाईवे और कैंपों की सुरक्षा बढ़ाने का भी निर्देश दिया गया है।

यात्रा कैंपों के आसपास के क्षेत्रों में विशिष्ट तत्वों और उनकी आवाजाही पर नजर रखने के तीसरी आंख का भी सहारा लिया जाएगा। इसके साथ ही ड्रोन के जरिए भी असामाजिक तत्वों की पहचान की जाएगी।

अमरनाथ यात्रा में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी न हो, इसको लेकर तीर्थयात्रियों की भी पूरी तरह चेकिंग की जाएगी। ताकि कोई भी तीर्थ यात्री के रूप में घुसकर किसी अप्रिय घटना को अंजान ना दे।

वहीं पुलिस की ओर से हर पल तीर्थयात्रियों को सुरक्षा और सहायता के लिए सुरक्षाबलों के बीच कम्युनिकेशन और कोर्डिनेशन बढ़ाए जाने पर जोर दिया गया। सुरक्षा को पुख्ता बनाए रखने के लिए सुरक्षाबलों को 24 घंटे सभी मार्गो और महत्वपूर्ण स्थानों की निगरानी रखे जाने के निर्देश दिए हैं, इसके साथ ही उन्होंने लंगर और पार्किंग स्थलों की भी सुरक्षा बढ़ाए जाने पर जोर दिया है।

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