Barabanki : चलती कार बनी आग का गोला, स्टॉम्प विक्रेता जिंदा जला

Barabanki : रामनगर थाना क्षेत्र में रविवार को चलती कार में अचानक आग लगने से दर्दनाक हादसा हो गया। बरियारपुर मोड़ के पास कार में आग लगने के दौरान विजय नगर निवासी स्टांप वेंडर राज नारायण वर्मा अंदर फंस गए। बताया जा रहा है कि कार का सेंट्रल लॉक नहीं खुलने के कारण वह बाहर नहीं निकल सके और आग की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में दमकल कर्मियों ने कार का गेट तोड़कर शव को बाहर निकाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

अचानक कार से निकलने लगा धुआं

राज नारायण वर्मा मूल रूप से सफदरगंज थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव के रहने वाले थे। वह पत्नी बबिता और बेटे आयुष के साथ कोतवाली नगर के विजय नगर मोहल्ले में रहते थे। बताया गया कि वह अक्सर रविवार को अपनी बीमार मां से मिलने गांव जाते थे।

रविवार सुबह भी वह कार से अपनी मां से मिलने के लिए निकले थे। रास्ते में बघौरा चौराहे पर कुछ देर अपने भाइयों की दुकान पर रुके। इसके बाद करीब 300 मीटर आगे बढ़ते ही उनकी कार अचानक रुक गई और उसमें से धुआं निकलने लगा।

आसपास मौजूद लोगों ने कार पर पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। उस समय लोगों को यह जानकारी नहीं थी कि कार के अंदर कोई व्यक्ति मौजूद है।

आग बुझने के बाद कार के अंदर मिला शव

काफी मशक्कत के बाद जब आग पर काबू पाया गया और कार के शीशे टूटकर नीचे गिर गए, तब लोगों को अंदर एक व्यक्ति के फंसे होने की जानकारी हुई। कार के अंदर का दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए।

घटना की जानकारी मिलते ही राज नारायण के भाई और भतीजे भी मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पहले PRV टीम पहुंची। इसके बाद सफदरगंज थाना प्रभारी अमर चौरसिया और सीओ सदर आलोक पाठक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए।

सेंट्रल लॉक नहीं खुलने से अंदर फंसे रहने की आशंका

सीएफओ अनिमेष सिंह के मुताबिक, कार का सेंट्रल लॉक लगा हुआ था। दमकल कर्मियों ने गेट तोड़कर शव को बाहर निकाला। प्रारंभिक जांच में कार की बैटरी, कंट्रोल पैनल और एसी सिस्टम में शॉर्ट सर्किट होने से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, आग अचानक तेजी से फैलने और लॉक नहीं खुल पाने के कारण राज नारायण कार से बाहर नहीं निकल सके। कार के अंदर धुआं भरने से उनके बेहोश होने की भी आशंका है। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

बताया गया है कि उक्त कार का पंजीकरण वर्ष 2012 में हुआ था।

परिवार में मचा कोहराम

मृतक के बड़े भाई अमरनाथ ने बताया कि परिवार के कुछ सदस्य शहर में रहते हैं, जबकि गांव में उनकी मां रामा देवी और सबसे छोटे भाई नंद किशोर रहते हैं। राज नारायण का बेटा उनके साथ रहता था। उनकी इकलौती बेटी सोमली की शादी हो चुकी है और वह चेन्नई में रहती है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वह भी बाराबंकी के लिए रवाना हो गई।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम समेत अन्य आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। फॉरेंसिक जांच और मौके से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस कार में आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।

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