‘2017 से पहले शाम होते ही सिमट जाता था कारोबार’: सीएम योगी का पूर्व सरकारों पर तगड़ा हमला, बताया कैसे चमके यूपी के बाजार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और देर रात तक जगमगाते बाजारों की बदली तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की है. उन्होंने राज्य की वर्तमान स्थिति की तुलना 2017 से पहले के दौर से करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यपद्धति और नीति पर गंभीर सवाल खड़े किए. सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में अपराध और असुरक्षा का माहौल इस कदर हावी था कि सूर्यास्त होते ही व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह सिमटने लगती थीं, लेकिन अब राज्य में सुरक्षा और समृद्धि का एक नया युग शुरू हो चुका है.

‘रात में जगमगाते बाजार केवल व्यापार नहीं, विश्वास का प्रतीक हैं’

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि आज के ‘नए उत्तर प्रदेश’ में रात के समय जगमगाते बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की रोशनी केवल व्यापार के फैलाव को नहीं दर्शाती, बल्कि यह व्यापारियों के अटूट विश्वास का भी प्रतीक है. उन्होंने विशेष रूप से कार्यस्थलों पर नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा कि देर रात निर्भय होकर अपने दायित्वों को निभाती मातृशक्ति का यह आत्मविश्वास केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रदेश और समाज की प्रगति का एक जीवंत सूचक है.

पहले महिलाओं की सुरक्षा को लेकर परिवारों में बनी रहती थी चिंता

पूर्ववर्ती सरकारों के शासनकाल पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा और विश्वास का यह सकारात्मक वातावरण उत्तर प्रदेश में हमेशा से नहीं था. साल 2017 से पहले राज्य में व्याप्त अपराध और भय के कारण शाम ढलते ही दुकानें बंद होने लगती थीं और व्यावसायिक गतिविधियों पर ब्रेक लग जाता था. सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति कामकाजी महिलाओं की थी; देर रात तक दफ्तरों या कार्यस्थलों पर काम करने वाली बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उनके परिवारों में हर समय डर और अनिश्चितता का माहौल बना रहता था.

‘जीरो टॉलरेंस’ नीति ने बदली तस्वीर, बढ़ा महिला श्रम बल

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार ने इस निराशाजनक परिस्थिति को पूरी तरह बदल दिया है. अपराध और अपराधियों के खिलाफ अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस’ की सख्त नीति ने कानून-व्यवस्था को मजबूत किया और महिला सुरक्षा को सर्वोपरि प्राथमिकता दी. इसी का नतीजा है कि आज देर रात तक बाजार निर्भीक होकर खुले रहते हैं.

आंकड़े साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि:

  • वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में महिला श्रम बल भागीदारी (Female Labour Force Participation) महज 13 प्रतिशत के आसपास थी.

  • वर्तमान में डबल इंजन सरकार की नीतियों और सुरक्षित माहौल के कारण यह बढ़कर 36 प्रतिशत हो चुकी है.

उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला श्रम बल में आया यह बड़ा उछाल मातृशक्ति के बढ़ते आत्मविश्वास, आर्थिक सामर्थ्य और स्वावलंबन की सशक्त अभिव्यक्ति है, जो ‘सुरक्षा से समृद्धि’ की ओर अग्रसर नए उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुका है.

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