ब्रेकिंग LIVE : छत्तीसगढ़ 5 दिन में कोरोना संक्रमण के 178 केस; राज्य में लॉकडाउन फेज- 5 की तैयारी

रायपुर. देश में संक्रमण के बीच शांत चल रहे छत्तीसगढ़ में अचानक कोरोना का विस्फोट हुआ है। सप्ताहभर में ही चार गुना नए मामले सामने आए। आंकड़ों की बात करें तो पिछले 5 दिनाें में ही पॉजिटिव मरीजों की संख्या में 178 का इजाफा हो गया है। अभी तक जिन जिलों में एक भी केस नहीं आए थे, वहां से एक साथ 30 से 40 नए मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि घबराने की बात नहीं है। इस बीच लॉकडाउन-5.0 लाने की तैयारी है। जहां ज्यादा केस मिले हैं, वहां से 1 से 16 जून तक सब बंद होगा। इसको लेकर मंगलवार को राज्य सरकार घोषणा कर सकती है।

प्रदेश में मजदूरों के आने के बाद से लगातार मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसे देखते हुए 1 से 16 जून के बीच पांचवां लॉकडाउन हो सकता है। इसकी रूपरेखा बनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे हैं। जिन जिलों में ज्यादा केस मिल रहे हैं, वहां फुल लॉकडाउन की तैयारी है। हालांकि, इसमें यह देखा जा रहा है कि पूरे जिले में सख्ती होगी या प्रभावित ब्लॉक में ही कड़ाई की जाएगी। सीएम और अफसरों के बीच मीटिंग में ज्यादा प्रभावित जिलों में आवागमन, दुकानें खुलने, कारोबार की अनुमति या समय निर्धारण तय किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में कोरोना

25 मई: काेरोना संक्रमण के 41 नए केस मिले। इनमें मुंगेली से 30, कांकेर से 3, रायपुर, राजनांदगांव, रायगढ़, कोरिया, बलरामपुर और बिलासपुर से 1-1 और धमतरी में 2 मरीज मिले। रायपुर एम्स से 4 और अंबिकापुर से एक मरीज को डिस्चार्ज किया गया। 
24 मई: 4 माह की बच्ची और उसकी 19 वर्षीया मां समेत 36 नए मामले सामने आए। इनमें सबसे ज्यादा बिलासपुर से 19 केस, बलरामपुर से 5, बलौदाबाजार से 4, सरगुजा और कोरिया से 2-2 और मुंगेली, गरियाबंद, बेमेतरा और रायगढ़ से 1-1 नए संक्रमित मिले। बिलासपुर में भर्ती जांजगीर के दो और अंबिकापुर में भर्ती कोरिया के एक मरीज को और छुट्‌टी दी गई।

23 मई : 44 नए मामले सामने आए। इनमें राजनांदगांव से 10, बिलासपुर से 9, मुंगेली से 9, सरगुजा से 3, कोरिया व रायगढ़ से 4-4, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से 3, जशपुर और बलौदाबाजार से 1-1 पॉजिटिव मरीज की पुष्टि हुई। एम्स रायपुर से बालाेद के 2 मरीज ठीक भी हुए।

22 मई : इस दिन भी 40 नए मामलों की पुष्टि हुई थी। इसमें एम्स के 20 मामलों के साथ ही बालोद से 4, कवर्धा 5, बलौदाबाजार 4, गरियाबंद 3, दुर्ग और राजनांदगांव से 2-2 कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई। इससे पहले सुबह कोरबा से 12, कांकेर से 3 और बेमेतरा से 1 मरीज मिले थे। 

21 मई : कोरोना संक्रमण के 17 नए केस आए थे। इनमें कांकेर, सरगुजा, बालोद और रायपुर से 1-1, जांजगीर से 3, राजनांदगांव से 4, बिलासपुर से 6 और मुंगेली से 2 नए मामले मिले थे। 

  • 293 संक्रमित मिले : दुर्ग-10, राजनांदगांव-23, बालोद-18, बेमेतरा-2, कवर्धा-13, रायपुर-9, धमतरी-2, बलौदाबाजार-19, गरियाबंद-5, बिलासपुर-40, रायगढ़-11, कोरबा-41, जांजगीर-15, मुंगेली-43, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही-3, सरगुजा-7, कोरिया-8, सूरजुपर-7, बलरामपुर-7, जशपुर-1, कांकेर-8
  • 221 एक्टिव केस : राजनांदगांव-22, बालोद-15, बेमेतरा-2, कवर्धा-6, रायपुर-2, धमतरी-2, बलौदाबाजार-18, गरियाबंद-4, बिलासपुर-39, रायगढ़-11, कोरबा-13, जांजगीर-10, मुंगेली-43, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही-3, सरगुजा-7, कोरिया-1, सूरजपुर-2, बलरामपुर-7, जशपुर-1, कांकेर-8
  • 72 मरीज स्वस्थ हुए : दुर्ग-10, राजनांदगांव-1, बालोद-3, कवर्धा-7, रायपुर-7, बिलासपुर-1, कोरबा- 28, जांजगीर-5, सूरजपुर- 7, कोरिया-1, गरियाबंद-1, बलौदाबाजार-1
  • प्रदेश में भर्ती मरीज : एम्स रायपुर-48, कोविड-19 अस्पताल माना-35, कोविड-19 बिलासपुर-24, मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर-11, मेडिकल कॉलेज रायगढ़-10, मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव-21
  • पहला मामला : राज्य में कोरोना पॉजिटिव का पहला मामला रायपुर में मार्च के महीने में सामने आया था, वह विदेश से लौटी युवती थी।
  • कंटेनमेंट जोन : कवर्धा-6, राजनांदगांव-4, बालोद-11, दुर्ग-1, गरियाबंद-4, रायपुर-1, बलौदाबाजार-9, बिलासपुर-9, मुंगेली-2, कोरबा-5, जांजगीर-6, रायगढ़-3, कोरिया-4, सूरजपुर-3, सरगुजा-4, कांकेर-5, बलरामपुर-1, जशपुर-1, बेमेतरा-1 

पेड या सरकारी क्वारैंटाइन में जाएं बाहर से आने वाले लोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी घबराने जैसी कोई बात नहीं है। संख्या बढ़ रही है, लेकिन हम इसे नियंत्रित कर लेंगे। उन्होंने कहा कि 15 जून के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वास्तव में कितने प्रभावित हैं और कितने नहीं। उन्होंने कहा कि हमने 60 दिन मेहनत की है, 15 दिन और मेहनत लगेगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जो भी यात्री बाहर से आएंगे, उन्हें होम क्वारैंटाइन करना होगा। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बाहर से आ रहे लोगों से अपील की है कि वे पेड या सरकारी क्वारैंटाइन सेंटर को वरीयता दें। जिससे उनकी ठीक से देखभाल हो सके और परिवार के अन्य सदस्य बचे रहें। 

प्रदेश में बढ़ सकती है रेड जोन की संख्या
राज्य सरकार प्रदेश में बढ़ रहे संक्रमितों की संख्या देखकर रेड जोन बढ़ा सकती है। अभी 3 जिले बिलासपुर, कोरबा और कवर्धा के 4 विकासखंड को रेड जोन में शामिल किया गया है। वहीं, 25 जिलों के 80 विकासखंड ऑरेंज जोन में हैं। जबकि ग्रीन जोन की सूची में एक भी जिला शामिल नहीं है। हालांकि, कुछ विकासखंडों को जरूर ग्रीन जोन बनाया गया है। 

ऐसे बदल सकता है आपका जोन

  • रेड जोन से ऑरेंज जोन : 21 दिनों तक वहां कोई नया मरीज न मिले तो कलर जोन बदल सकता है।
  • ऑरेंज जोन से ग्रीन जोन : सभी मरीज ठीक हो चुके हो। वहां 21 दिनों तक कोई नया मरीज न मिला हो तो ऑरेंज से ग्रीन जोन किया जा सकता है।

इस तरह से तय होता है कोरोना का कलर जोन
केंद्र सरकार के गाइडलाइन के अनुसार, कलर जोन के लिए दो श्रेणियां क्रिटिकल और डिजायरेबल रखी गई है। क्रिटिकल श्रेणी तब मानी जाएगी जब एक लाख आबादी पर 15 कोरोना केस पिछले सात दिनों में, डबलिंग रेट 14 दिन, मृत्यु दर 6 फीसदी, प्रति लाख टेस्ट 65 और नमूनों के पॉजीटिव होने की दर 6 फीसदी हो गई हो। डिजायरेबल श्रेणी में एक लाख आबादी पर शून्य मामले, डबलिंग रेट 28 दिन, मृत्यु दर एक फीसदी, प्रति लाख पर 200 टेस्ट और नमूनों के पॉजीटिव होने की दर दो फीसदी होनी चाहिए। 

रायपुर : पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने रूस में फंसे मेडिकल छात्र-छात्राओं को छत्तीसगढ़ लाने के लिए सोमवार को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किशन रेड्डी से चर्चा की। उन्हें दिल्ली से रायपुर आने में कठिनाई ना हो, इसके लिए आग्रह किया। गृह राज्यमंत्री से यह भी कहा कि आने वाले सभी विद्यार्थियों को रायपुर में ही राज्य शासन की ओर से चिन्हित क्वारैंटाइन सेंटर में रखा जाए। रेड्‌डी ने डॉ. सिंह के इस आग्रह पर आश्वासन दिया कि इस पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। इसके पश्चात पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला से भी इस संदर्भ में चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही करने कहा। 

राजनांदगांव : गंडई थाना क्षेत्र के ग्राम ठंडार में महाराष्ट्र से लौटे 44 मजदूरों को स्कूल में बनाए गए क्वारैंटाइन सेंटर में ठहराया गया है। यहां ठहरी दो गर्भवती महिलाएं स्कूल परिसर में काला साया देखने की बात कहकर बार-बार बेहोश हो रही थीं। झाड़-फूंक कराने के लिए परिजन ने बैगा भी बुला लिया था पर सरपंच, सचिव ने बैगा को सेंटर के भीतर नहीं जाने दिया। सरपंच ने एंबुलेंस बुलाकर दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। अब दोनों महिलाएं सामान्य स्थिति में हैं। इन्हें होम आइसोलेट कर दिया गया है पर दूसरे मजदूर स्कूल में ठहरने से इंकार कर रहे हैं।

बिलासपुर : अन्य राज्यों से आए मजदूरों के लिए तखतपुर ब्लाॅक के गनियारी मल्टी स्किल क्वारैंटाइन सेंटर के अंदर समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। शिक्षकों की ड्यूटी सेंटर के लिए लगाई गई है, जो बगल में बने शेड के नीचे से मजदूरों पर नजर रखते हैं। मजदूरों का स्टेशन से यहां लाए जाने के दौरान ही स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था। उसके बाद नहीं हुआ। अधिकांश मजदूर बगैर मास्क के ही नजर आए। आईटीआई कोनी के क्वारैंटाइन सेंटर में श्रमिकों ने भूख हड़ताल कर दी। शिकायत थी देर से और कम खाना देना। सुबह से सिर्फ पारले जी के एक छोटा बिस्किट का पैकेट दिया गया। फिर दोपहर ढाई बजे खाना पहुंचा। 

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