मुख्यमंत्री जी!फोटो ग्राफरो के साथ सौतेला व्यवहार क्यो ?

भुखमरी की पॉयदान पर आ चुके है लोगो की तस्वीरों मे जान डालने वाले ये कलाकार

अशोक सोनी
जरवल/बहराइच। लॉक डाउन को लेकर प्रदेश की योगी सरकार समाज के हर कारोबारी का ध्यान तो रख रही है पर जो लोग फोटोग्राफी के जरिए लोगो की तस्वीरों मे जान डाल कर अपने हुनर का लोगो को लोहा मनवा रहे हैं जिससे उनका भी परिवार चलता है शायद अन्य कारोबारियों की तरह उनके व्यवसाय को कैसे लोग चलाए शायद सरकार या तो भूल बैठी है या उनके साथ सौतेला व्यवहार जानबूझ कर कर रही है जिस कारण फोटोग्राफी से जुड़े लोग भुखमरी के कगार पर जा पहुँचे है सरकार को ध्यान देना चाहिए। जानकारों की माने तो रेहड़ी पटरी वाले, नाई, दिहाड़ी मजदूर, सब्ज़ी बेचने वाले,मोबाइल रिपेयर वाले, बिजली के समान और मैकेनिक, कार मैकेनिक या फिर ईंट पत्थर वाले एवं अन्य व्यवसायियों तक के नाम मीडिया के माध्यम से सरकार नाम जरूर लेती है परन्तु जब से लाकडाउन हुआ है

तब से लेकर आज तक एक बार भी  सरकार के नेता या अफसर ने फोटोग्राफी वर्ग के लिए या उससे संबंधित किसी भी व्यवसाय(फ़ोटो लैब, फ़ोटो गुड्स विक्रेता, वेडिंग फोटोग्राफ़र ) के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा गया है।जिससे ये लोग अपने भीतर हीन भावना को जन्म दे रहे हैं। इस व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि फोटोग्राफी या फोटोग्राफर किसी भी भारतीय समाज का हिस्सा नहीं है? उनकी अपनी जरूरतें नहीं है?

उन्हें खाने पीने या जीवन जीने के लिए कुछ नहीं चाहिए? या फिर उनका अपना परिवार या संवेदनाएं नहीं जिस ओर लोगो की जुबानों पर ताला पड़ा हैं? जबकि इस व्यवसाय को लॉक्डाउन की वजह से सारी बुकिंग कैंसल हो गई है  यही फोटोग्राफर की कमाई का मुख्य जरिया था वो अब समाप्त हो गया है और आगे एक साल तक कोई संभावना नहीं है इस लिए सरकार को एक राहत पैकेज  सभी फोटोग्राफर के लिए  भी  ऐलान करना चाहिए।की बात लोगो ने कही है

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