
नोएडा/लखनऊ। नोएडा में पिछले दिनों हुए मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन और औद्योगिक अशांति के मामले में उत्तर प्रदेश एसटीएफ (UP STF) को एक बड़ी और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। जांच एजेंसी ने इस पूरी हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड आदित्य आनंद को गिरफ्तार कर लिया है। एक लाख रुपये के इनामी इस आरोपी को यूपी एसटीएफ और नोएडा पुलिस की संयुक्त टीम ने दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य से दबोचा है। बताया जा रहा है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना हुलिया बदलकर लगातार ठिकाने बदल रहा था, लेकिन कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सका।
तिरुचापल्ली रेलवे स्टेशन पर एसटीएफ ने बिछाया जाल, धरा गया इनामी
नोएडा में भड़की हिंसा के बाद से ही आदित्य आनंद पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। वह इतना शातिर था कि पुलिस को चकमा देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल बंद कर चुका था और अलग-अलग राज्यों में छिप रहा था। आखिरकार, तकनीकी सर्विलांस और सटीक सूचना के आधार पर 18 अप्रैल 2026 को यूपी एसटीएफ की टीम ने उसे तमिलनाडु के तिरुचापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी के लिए अदालत ने पहले ही गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था।
भीड़ को भड़काने और हिंसा की साजिश रचने का है संगीन आरोप
पुलिस जांच में यह साफ हुआ है कि नोएडा के फेस-2 थाना क्षेत्र में हुए श्रमिक आंदोलन को उग्र और हिंसक बनाने के पीछे आदित्य आनंद का ही दिमाग था। आरोप है कि उसने न केवल मजदूरों की भीड़ को कानून हाथ में लेने के लिए उकसाया, बल्कि अपने साथियों के साथ मिलकर तोड़फोड़ और आगजनी की पूरी स्क्रिप्ट तैयार की थी। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में चल रही इस जांच में आदित्य का नाम मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सामने आया था, जिसके बाद उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
दो साथी पहले ही जा चुके हैं जेल, पूरे नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस
आदित्य आनंद की गिरफ्तारी इस मामले में तीसरी बड़ी सफलता है। इससे पहले पुलिस हिंसा भड़काने के आरोप में रूपेश रॉय और मनीषा चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब तीसरे और सबसे अहम कड़ी के पकड़े जाने के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस साजिश के पीछे छिपे अन्य चेहरों और फंडिंग के स्रोतों का भी खुलासा हो सकेगा। अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र की निगरानी में एसटीएफ की टीमें अब यह पता लगा रही हैं कि आदित्य को फरारी के दौरान किन लोगों ने पनाह दी थी।
जारी है छापेमारी, अन्य संदिग्धों की बढ़ी धड़कनें
भले ही मुख्य मास्टरमाइंड पुलिस की गिरफ्त में आ गया हो, लेकिन ऑपरेशन अभी थमा नहीं है। एसटीएफ और नोएडा पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से उन सभी संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं, जिनका नाम इस हिंसा के नेटवर्क से जुड़ा है। पुलिस का कहना है कि औद्योगिक शहर की शांति भंग करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।












