कोविड कर्फ्यू में ढील दिए जाने की मांग को लेकर व्यापारियों के तीखे तेवरों के बाद प्रशासनिक स्तर से रियायतों को बढ़ाया गया

रुड़की। कोविड कर्फ्यू को सरकार की ओर से चरणों में बढ़ाया जा रहा है। आठ जून की सुबह तक कर्फ्यू के तहत प्रतिबंध लगाया गया था, जिसे पंद्रह जून तक बढ़ा दिया गया था। कोविड कर्फ्यू बढ़ाए जाने में मामूली राहत दी गई थी। आठ जून से भी दुकानों को पूरी तरह खुलने की मंजूरी न मिलने के बाद व्यपारी संगठन विरोध में उतर आए थे। अब तक अलग-अलग धरना-प्रदर्शन कर रहे व्यापारी संगठनों में सोमवार को संयुक्त व्यापार मंडल के बैनर तले सामूहिक विरोध प्रदर्शन किया, कोतवाली में भी धरना दिया। व्यापार मंडल ने सरकारी एसओपी को तोड़ने का ऐलान करते हुए मंगलवार सुबह दस से ग्यारह बजे तक विरोध स्वरूप सभी दुकान खोलने का ऐलान किया था। सोशल मीडिया पर भी विरोध जताते हुए दुकान खोलने की बात कही, इसके बाद प्रशासनिक मशीनरी भी सक्रिय हुई। प्रशासनिक अधिकारियों की व्यापारी नेताओं से वार्ता चलती रही, इस सबके बीच प्रशासन ने कई और दुकानों को भी खोलने की अनुमति दे दी। हालांकि, जूते-ज्वेलरी आदि की दुकान खोलने की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन संयुक्त व्यापार मंडल के आह्वान पर सारी दुकानों को खोला गया। दुकानें दोपहर एक बजे तक खोली गई।

व्यापारियों ने मंगलवार को आगे की रणनीति तय करने के लिए बी.टी. गंज में साढ़े ग्यारह बजे बैठक बुलाई थी, लेकिन अधिकांश दुकानों को खोलने की अनुमति दिए जाने के बाद बैठक को टाल दिया गया। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव नवीन गुलाटी का कहना है कि ज्यादा दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई। जिन्हें नहीं दी गई उन्होंने व्यापार मंडल के आह्वान पर दुकान खोली। बताया कि एक बजे तक दुकान खुली रखी गई। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगर अध्यक्ष अरविंद कश्यप का कहना है कि व्यापार और व्यापारियों के हित में रियायत मिलनी चाहिए, उम्मीद है कि सरकार व्यापारियों की मांगों को पूरी तरह मानेगी।

कई दिनों बाद सभी दुकानें खुलने से बाजार में चहल-पहल भी देखने को मिली। अब तक चुनिंदा दुकानों को ही खोलने की अनुमति मिल रही थी, सिविल लाइंस जैसे बाजारों में सन्नाटे की स्थिति बनी रहती थी। मंगलवार को सिविल लाइंस में भी कुछ रौनक देखने को मिली। व्यापारी नेताओं का दावा है कि गाइड लाइन का पालन व्यापारी कर रहे हैं। वहीं, व्यापारी संगठन बाजार को खुलने का समय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, शाम पांच या सात बजे तक बाजार खोलने की मांग है। व्यापारी नेताओं का तर्क है कि ज्यादा समय तक दुकानें खुलेंगी तो एक साथ भीड़ नहीं होगी और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होगा। कम समय के लिए दुकान खुलने से एक समय में ज्यादा भीड़ आती है, ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना मुश्किल होता है।

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