धर्मांतरण की साजिश : KGMU की छात्राओं पर ‘फर्जी डॉक्टर’ का जाल: अमेरिका ले जाने का लालच और जिहादी साजिश का खुलासा…..

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ प्रशासन ने एक ऐसे शातिर जालसाज को दबोचा है, जो डॉक्टर की वेशभूषा पहनकर कैंपस में छात्राओं को अपने जाल में फंसा रहा था। आरोपी हस्साम अहमद पर आरोप है कि वह केजीएमयू के फर्जी लेटरहेड और प्रवक्ता के जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर मेडिकल छात्राओं को बहलाने-फुसलाने और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश कर रहा था।

डॉक्टर की ड्रेस और अमेरिका का लालच: गिरफ्त में आरोपी

पकड़ा गया आरोपी हस्साम अहमद महज 12वीं पास है, लेकिन वह कैंपस में पूरी तरह डॉक्टर बनकर घूमता था। केजीएमयू प्रशासन के मुताबिक, आरोपी छात्राओं को दिल्ली एम्स (AIIMS) ले जाने और अमेरिका के बड़े डॉक्टरों से मिलवाने का प्रलोभन देता था। वह छात्राओं को विश्वास में लेने के लिए उन्हें मेडिकल कैंपों में ले जाने की योजना बना रहा था। केजीएमयू प्रशासन ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़कर मीडिया के सामने पेश किया, जहाँ उसने अपने जुर्म कबूल कर लिए हैं।

प्रवक्ता के फर्जी साइन और जाली लेटरहेड का खेल

इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश तब हुआ जब केजीएमयू के आधिकारिक प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह को फर्जी मेडिकल कैंपों की भनक लगी। डॉ. सिंह ने बताया, “यह फर्जी डॉक्टर पिछले कई दिनों से परिसर में सक्रिय था। जब मुझे शिकायत मिली, तो मैं खुद उस कैंप में गया जहाँ कई छात्राएं मौजूद थीं।” जांच में सामने आया कि यह गिरोह केजीएमयू के फर्जी लेटरहेड और डॉ. सिंह के फर्जी हस्ताक्षरों का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहा था ताकि किसी को शक न हो।

धर्मांतरण की साजिश और ‘डॉ. रमीज मलिक’ कनेक्शन

शुरुआती जांच और आरोपी के सोशल मीडिया रिकॉर्ड से यह संकेत मिले हैं कि वह लोगों को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण की कोशिशों में भी शामिल हो सकता था। केजीएमयू में यह इस तरह का दूसरा बड़ा मामला है। इससे पहले डॉ. रमीज मलिक का प्रकरण भी सुर्खियों में रहा था, जो नकली दस्तावेजों और फर्जीवाड़े के जरिए मेडिकल छात्रों को गुमराह करने से जुड़ा था। पुलिस अब हस्साम अहमद के नेटवर्क और उसके पीछे छिपे असली मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है।

पुलिस जांच और बड़े गिरोह की आशंका

प्रशासन ने आरोपी को लखनऊ पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हस्साम ने पूछताछ में कई अन्य अस्पतालों के डॉक्टरों और सहयोगियों के नाम उगले हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह एक संगठित गिरोह है जो चिकित्सा क्षेत्र की आड़ में खतरनाक मंसूबों को अंजाम दे रहा है। केजीएमयू प्रशासन ने सभी छात्रों को सतर्क रहने की सलाह दी है और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है।

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