
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ अब गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो चुका है और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार कर गया है. इसके प्रभाव से देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है. तूफान का सबसे व्यापक असर दक्षिण और पूर्वी भारत के राज्यों में देखने को मिल रहा है.
दक्षिण भारत में ‘मुरासु’ का तांडव, आंध्र और तमिलनाडु में अलर्ट
चक्रवात के तटीय इलाकों से टकराने के बाद आंध्र प्रदेश के कई जिलों में अत्यंत भारी बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया गया है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 से 7 नवंबर के दौरान भारी वर्षा का अनुमान है. इसके अलावा तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे और तेलंगाना में 4 से 6 नवंबर के बीच मौसम खराब रहने तथा गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है.
उत्तर भारत का मौसम: दिल्ली-यूपी में शुष्क, केदारनाथ में माइनस पहुंचा पारा
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों पर इस तूफान का सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा. दिल्ली में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा, जहां अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम 16°C रहने का अनुमान है. उत्तर प्रदेश में अगले सात दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा. वहीं पहाड़ी राज्यों में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है; उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में बर्फबारी के बाद तापमान -8°C से नीचे चला गया है, हालांकि नैनीताल और चमोली में हल्की बारिश के आसार हैं. हिमाचल प्रदेश के उच्च जनजातीय क्षेत्रों में पारा माइनस में दर्ज किया गया है.
पूर्वी और मध्य भारत में भी दिखेगा चक्रवात का असर
मुरासु के प्रभाव से बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा. रांची समेत पूरे झारखंड और ओडिशा में व्यापक बारिश का अनुमान है. मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा सकती है. इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 8 नवंबर तक कहीं-कहीं बारिश की संभावना बनी रहेगी.


















