
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही तय करने और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार, 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस ने रोक लगा दी है। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया कि इस प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस प्रशासन ने इसके पीछे नई दिल्ली क्षेत्र में लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163, निर्धारित समय-सीमा का उल्लंघन और पूर्व में दिए गए आश्वासनों का पालन न करने का कारण बताया है।
अंतिम समय में दी गई सूचना, नियमों की अनदेखी
मामले की जानकारी देते हुए दिल्ली पुलिस की संयुक्त आयुक्त (ज्वाइंट सीपी) नूपुर प्रसाद ने बताया कि पुलिस को CJP नेता सौरव दास की ओर से 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित करने से संबंधित एक आवेदन प्राप्त हुआ था।
ज्वाइंट सीपी ने स्पष्ट किया कि तय दिशा-निर्देशों के मुताबिक किसी भी बड़े प्रदर्शन या आयोजन की लिखित सूचना कम से कम 10 दिन पहले देनी अनिवार्य होती है, जबकि CJP ने बहुत कम समय पूर्व यह आवेदन सौंपा। ऐसे में इतने कम समय में सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की तैयारियां कर पाना संभव नहीं है।
“पिछले प्रदर्शनों में तोड़े गए कानून और वादे”
दिल्ली पुलिस ने CJP के पिछले प्रदर्शनों के आचरण पर भी सवाल उठाए। नूपुर प्रसाद के अनुसार, पूर्व में जब कॉकरोच जनता पार्टी को जंतर-मंतर पर सभा या प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई थी, तब पार्टी नेताओं ने पुलिस द्वारा जारी कानूनी निर्देशों और अपने ही दिए गए लिखित आश्वासनों का उल्लंघन किया था।
पुलिस ने कहा कि अतीत में कानूनी शर्तों का पालन न करने, सुरक्षा चिंताओं और नई दिल्ली इलाके में कानून-व्यवस्था व यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से इस बार अनुमति को खारिज (अस्वीकार) किया गया है।
BNSS धारा 163 लागू, उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। इसके तहत सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा और शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए निवारक प्रतिबंध लगाए गए हैं।
ज्वाइंट सीपी नूपुर प्रसाद ने साफ लहजे में कहा कि यदि CJP या अन्य कोई भी संगठन अनुमति न मिलने के बावजूद जंतर-मंतर पर एकत्र होता है या बीएनएसएस की धारा 163 का उल्लंघन करता है, तो पुलिस प्रशासन उनके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगा।

















