Delhi Weather News: सर्दी का सितम झेलने के लिए हो जाएं तैयार, पढ़ें मौसम का ताजा अपडेट

Weather Forecast: दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में 14 जनवरी से ठंड का सितम बढ़ने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों (weather scientists) के अनुसार तापमान -4 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा। आमतौर पर हर साल 14 जनवरी के बाद ठंड कम होने लगती है। लेकिन इस बाद 16 से 18 जनवरी के बीच ठंड का पीक होगा।

दिल्ली में खून जमाने वाली ठंड (Delhi Cold Qave) पड़ने का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी ने सभी की चिंता बढ़ा दी है। लाइव वेदर ऑफ इंडिया के संस्थापक नवदीप दहिया ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा,

‘समझ में नहीं आ रहा है कि इसे क्या कहा जाए। मैंने अपने करियर में ऐसा नहीं देखा कि उत्तर भारत में तापमान इतना नीचे चला जाए। यह चौंकाने वाला भी है। 14 से 18 जनवरी के बीच उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में माइनस 4 डिग्री से 2 डिग्री सेल्सियस तापमान रह सकता है’।

इसके पीछे की क्या है वजह ?

आंकड़ों के मुताबिक, पिछली बार 11 जनवरी 1967 को दिल्ली के पालम इलाके में -2.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। ये आंकड़ा अभी भी एक रिकॉर्ड है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार भी हालात कुछ ऐसे ही रहने वाले हैं। आमतौर पर हर साल 14 से 15 जनवरी तक ठंड कम होने लगती थी। लेकिन लगातार क्लाइमेट चेंज की वजह से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।

कुछ जानकारों का कहना है कि ये बदलाव लोगों की गतिविधियों की वजह से हो रहे हैं। वाहनों से होने वाला प्रदूषण, जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) जैसे कोयला और तेल का जलना क्लाइमेट चेंज के सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं।

राजधानी दिल्ली में सबसे ज्यादा असर 

भारत में बारिश, सर्दी और गर्मी का पैटर्न बदल रहा है। जिसका सबसे ज्यादा शिकार दिल्ली हो रही है। इस मौसम में अक्सर अच्छी धूप रहती है, लेकिन पर्यावरण में हो रहे बदलाव की वजह से मौसम का चक्र बदल रहा है।

दिल्ली में आमतौर पर तापमान 4 डिग्री से नीचे नहीं जाना चाहिए, लेकिन इस बार तापमान कई दिनों तक रात के समय 2 डिग्री के आसपास रहा। जो मौसम का मिजाज बदलने का साफ संकेत है।

क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक ? 

मौसम वैज्ञानिकों की माने तो तापमान गिरने के इस अलर्ट के पीछे एक वजह पश्चिमी विक्षोभ (western disturbance) भी है। इसकी वजह से उत्तर भारत के कई इलाकों में ठंडी हवाएं आती हैं, जिन्हें हम शीतलहर कहते हैं। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से ही पहाडों में बर्फबारी भी होती हैं। जिसकी हवाएं दिल्ली की तरफ आती हैं। ये ही कारण है कि राजधानी के तापमान में गिरावट हो रही है। इसके अलावा ग्लोबल वॉर्मिंग को भी इसका बड़ा कारण बताया जाता है।

कहां कितना गिरेगा पारा ?

राजस्थान      3 से -4°
पंजाब           3 से -2°
हरियाणा       4 से -2°
दिल्ली           5 से -1°
यूपी              6 से 1°

 

 

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