भोगनीपुर गंग नहर खारजा झाल की सफाई में हुई खानापूर्ति, आठ की जगह दो- तीन किलोमीटर तक कराई गई सफाई

भास्कर समाचार सेवा
जसवंतनगर/इटावा। भोगनीपुर गंग नहर की शाखा खारजा झाल में कुछ दिनों पहले से सिल्ट सफाई का कार्य नहर विभाग द्वारा जेसीबी, पॉकलेन के माध्यम से किया गया था जिसमें कुल विभागीय अधिकारियों के अनुसार 8 किलोमीटर के दायरे में खारजा झाल की सफाई होनी थी लेकिन विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों ने दो- तीन किलोमीटर दूर तक ही सफाई कराई है बाकी 5 किलोमीटर दूर तक खारजा झाल की सफाई होनी अभी बाकी है।
विभागीय अधिकारी और ठेकेदार सफ़ाई कार्य कछुआ चाल स्तर से अंतिम समय में कराते हैं कि जब नहर में पानी खोलने के दिन नजदीक आ जाते हैं। सफ़ाई कार्य होने के दौरान कुछ किलोमीटर दूर तक सफ़ाई कार्य होता है और जैसे ही नहर में पानी आया और उसे खारजा झाल में खुलवा दिया गया जिससे शुरू से लेकर आख़िर तक सिल्ट बह कर चली गई तो लगता है सफ़ाई कार्य हो गया है। अधिकारियों को निरीक्षण करने के दौरान शुरूआत की गई जगह से थोड़ा आगे तक दिखाने के बाद खानापूर्ति हो गई, क्योंकि तीन किलोमीटर दूरी के बाद पूरी आठ किलोमीटर दूर यमुना नदी में मिलने वाले खारजा झाल के स्थान तक बीहड़ के बीचों बीच से बह कर जाती है तो कोई भी अधिकारी बीहड़ में आगे जाकर चैक नहीं करेगा। बरसात के दिनों नहर में जब पानी ओवरफ्लो हो जाता है तो उसी को देखते हुए नहर विभाग को लाखों रुपए इसी खारजा झाल की सफाई के लिए शासन द्वारा भेजे जाते हैं लेकिन ठेकेदारों व विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से खारजा झाल की सफाई के लिए आया हुए धन का बंदरबांट कर लिया जाता है। इन लोगों की मिलीभगत दर्शाती है कि हर वर्ष खारजा झाल की सफाई कुछ किलोमीटर होती है और सफ़ाई होने के दौरान ही पानी छोड़ दिया जाता है। जिससे सफाई के दौरान की गई लीपापोती पर पानी फिर जाए और इसी तरह हर साल इसकी सिल्ट सफाई के लिए शासन से बजट पास होता है और दिखावा करने के लिए सिर्फ दो से तीन किलोमीटर तक ही ऊपर- ऊपर सिल्ट सफाई कर बाकी ऐसे ही छोड़ दिया जाता है। जनपद में भोगनीपुर गंग नहर से निकली खारजा झाल की सफाई के लिए शासन से मिला कई लाख रुपये का बजट इसी जुगलबंदी की भेंट चढ़ जाता है। अधिकारियों की जुगलबंदी से मिलकर ठेकेदारों ने लाखो रुपये के बारे न्यारे कर खारजा झाल, नालों व माइनरों की सफाई को औपचारिकता की रस्म अदायगी कर सफाई का पूरा काम दिखा दिया जाता है। भोगनीपुर गंगनहर से निकलने वाले रजवाह( बम्बे), खारजा झाल, कूल, कुलावे की साफ सफाई के नाम पर लगभग एक से डेढ़ माह के लिए नहर को बंद रखा जाता है लेकिन यहां साफ-सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है। सिंचाई विभाग के मानक के अनुसार नहर या माइनरों की सफाई तलहटी झाड़ होती है लेकिन विभागीय अफसरों की मिलीभगत से खुदाई की औपचारिकता ही निभाई जाती है।

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