वन कर्मियों को वन में गस्त के दौरान मादा हाथी को शव पड़ा हुआ मिला

भास्कर समाचार सेवा
बढ़ापुर ।बढ़ापुर वन रेंज के कक्ष संख्या दस से वन विभाग की टीम को गश्त के दौरान एक मादा हाथी का शव पड़ा मिला। वन विभाग के अधिकारी व पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची और पोस्टमार्टम किया।
बढ़ापुर वन रेंज की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। तभी गश्त के दौरान टीम को एक मादा हाथी का शव पड़ा मिला। जिसकी सूचना वनकर्मियों ने वन क्षेत्राधिकारी कपिल कुमार को दी। सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और शव पड़े होने की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी। सूचना पर डीएफओ मुरादाबाद सूरज सिंह, डीएफओ बिजनौर अनिल कुमार पटेल व एसडीओ राजीव कुमार मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। वन विभाग की सूचना पर तीन पशु चिकित्सकों की टीम डॉ. दक्ष गंगवार पीलीभीत, डॉ. एस.पी. सिंह कसमपुर गढ़ी व डॉ. कौशल किशोर बढ़ापुर मौके पर पहुंचे और शव का पोस्टमार्टम किया। बता दें कि एक सप्ताह पूर्व भी बढ़ापुर वन रेंज के कक्ष संख्या एक में एक नर हाथी का शव पड़ा मिला था। जिसके शरीर पर गहरी चोट के निशान मिले थे। वही एक माह पूर्व पास की साहूवाला वन रेंज के रामगढ़ क्षेत्र के कक्ष संख्या पांच से हाथी का शव बरामद हुआ था। एक माह में तीन हाथियों की मौत से वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। वन क्षेत्राधिकारी कपिल कुमार ने बताया कि गश्त में मादा हाथी का शव है जिसकी उम्र लगभग 15 वर्ष के करीब है शरीर पर किसी तरह का कोई घाव नहीं मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हाथी की मौत का कारण पता लग पाएगा।
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लगातार हो रही हाथियों की मौत से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह
लगातार हाथियों की मौत क्यो हो रही हैं इसका पता लगाने में वनविभाग रुचि नहीं ले रहा। अगर इसी तरह हाथियों की मौत होती रही तब हाथियों की संख्या में गिरावट अति रहेगी अभी तक नजीबाबाद वन प्रभाग में जितने भी हाथियों की मौत हुई है उसका पता लगाने में वनविभाग को देरी हुई है क्यो की हाथियों मौत दो या तीन दिन पूर्व हुई हो और वन विभाग को बाद में जानकारी मिली हो इससे साफ प्रतीत होता है कि वनविभाग वन्य क्षेत्र में गस्त ही भी करता हैं शायद कोई और ही वहां फैली बदबू से जानकारी देता है या वनविभाग अपनी नाकामिया को छुपाना चाहता हो।

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