नयी दिल्ली। सरकार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि किसानों को सालाना छह हजार रुपये की वित्तीय मदद वाली “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि” के दायरे में भूमिहीन किसानों को शामिल करने की कोई योजना नहीं है।
रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड की बैठक में शामिल होने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संवाददाताओं के एक प्रश्न के उत्तर में भूमिहीन मजदूरों को इसमें शामिल करने से इनकार करते हुये कहा “मनरेगा (महात्मा गाँधी ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून) है, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना तथा अन्य कई योजनाएँ पहले से हैं जिनका लाभ उन्हें मिलता है।”
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए पेंशन योजना से वित्तीय अनुशासन पर पड़ने वाले दबाव के बारे में पूछे जाने पर जेटली ने कहा कि हर योजना की अपनी कीमत होती है। पिछले चार-पाँच साल में राजस्व संग्रह में पर्याप्त वृद्धि हुई है। इन सभी बातों को ध्यान में रखकर इन योजनाओं को मूर्तरूप दिया गया है।
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