
- ग्रीष्मावकाश में कराया सहयोग, स्कूल खुलते ही बच्चों को टाट-पट्टी की जगह बेंच पर बैठने का मिला अवसर
- ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यालय परिवार ने पहल को बताया शिक्षा के प्रति प्रेरणादायक योगदान
Sarsaul, Kanpur : किसी भी गांव की सबसे बड़ी पूंजी उसके बच्चे होते हैं और उनकी शिक्षा में किया गया छोटा-सा सहयोग भी भविष्य को संवार देता है। तहसील नरवल क्षेत्र के विकास खंड सरसौल की ग्राम सभा शीशूपुर के मजरा मिश्रा खेड़ा के रहने वाले तथा श्रम विभाग में कार्यरत अनुज यादव ने अपने गांव के प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए बेंच भेंट कर शिक्षा के प्रति सामाजिक दायित्व निभाने का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
गांव के ही होनहार अनुज यादव, पुत्र गंगाबालक यादव, ने ग्रीष्मावकाश के दौरान प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों के बैठने के लिए बेंच उपलब्ध कराईं। विद्यालय खुलने के बाद जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो उन्हें वर्षों से बिछी टाट-पट्टी के बजाय नई बेंचों पर बैठकर पढ़ाई करने का अवसर मिला। इससे बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी और पढ़ाई के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ा।

गौरतलब है कि शासन की ओर से सामान्यतः उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए बेंच उपलब्ध कराई जाती हैं, जबकि प्राथमिक विद्यालयों में अधिकांश बच्चे अभी भी टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। ऐसे में अनुज यादव की यह पहल छोटे बच्चों के लिए किसी उपहार से कम नहीं मानी जा रही है।
विद्यालय परिवार, ग्रामीणों और अभिभावकों ने अनुज यादव के इस सराहनीय कार्य की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि यह केवल बेंच का दान नहीं, बल्कि नौनिहालों के आत्मसम्मान, बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य में किया गया निवेश है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि समाज के अन्य सक्षम लोग भी ऐसे कार्यों में आगे आएंगे, जिससे सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।








