लखनऊ । राजधानी लखनऊ के अयोध्या रोड स्थित बाबू बनारसी दास (BBD) यूनिवर्सिटी परिसर में शुक्रवार की रात उस समय हड़कंप मच गया, जब हॉस्टल की मेस में खाने को लेकर छात्रों और वार्डन के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आक्रोशित छात्रों ने पूरे कैंपस में घूम-घूमकर जोरदार नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप है कि वार्डन ने उनके एक साथी की बेरहमी से पिटाई की और उसका हाथ मरोड़ दिया।
परिसर में बढ़ते तनाव और बवाल की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। आनन-फानन में कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का ठोस आश्वासन देकर गुस्साए छात्रों को शांत कराया।
क्या है पूरा विवाद? मेस की थाली या होटल का नानवेज!
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार की रात विवि के हॉस्टल में रोज की तरह छात्रों को खाना परोसा जा रहा था। इसी दौरान एक छात्र मेस से खाने की थाली लेकर अपने हॉस्टल के कमरे की तरफ जाने लगा। छात्रों का दावा है कि वार्डन ने छात्र को मेस से बाहर थाली ले जाने से कड़ाई से रोक दिया। जब छात्र ने इसका विरोध किया, तो आरोप है कि वार्डन ने आपा खो दिया और छात्र का हाथ मरोड़ते हुए उसकी पिटाई कर दी। साथी छात्र की पिटाई की खबर हॉस्टल में आग की तरह फैल गई, जिसके बाद सैकड़ों की संख्या में छात्र कैंपस में इकट्ठा हो गए और वार्डन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा करने लगे।
चर्चाओं का बाजार गर्म: इस पूरे विवाद को लेकर कैंपस में एक और थ्योरी भी तैर रही है। कुछ छात्रों के मुताबिक, एक छात्र ने यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर अयोध्या रोड स्थित एक नामी होटल से ‘नानवेज’ (मटन/चिकन) ऑर्डर किया था। इसके बाद वह सिर्फ रोटी लेने के लिए हॉस्टल की मेस में गया था। जब वार्डन ने उसे बाहर के खाने के साथ मेस की रोटी देने से साफ मना कर दिया, तो दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई, जिसने बाद में बड़े बवाल का रूप ले लिया।
गेट तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश, कई थानों की फोर्स ने संभाला मोर्चा
हंगामे की गंभीरता को देखते हुए बीबीडी थाना इंस्पेक्टर राम सिंह, चिनहट थाना प्रभारी दिनेश चंद्र मिश्रा, एसीपी विभूतिखंड विनय द्विवेदी और गाजीपुर सर्किल के एसीपी अनिद्य विक्रम सिंह समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। इस दौरान आक्रोशित छात्रों ने यूनिवर्सिटी का मुख्य गेट तोड़कर सड़क पर निकलने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने उन्हें अंदर ही रोक लिया। अधिकारियों ने छात्रों को काफी देर तक समझा-बुझाकर उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया, तब जाकर छात्र शांत हुए और अपने कमरों में लौटे।
पुलिस का बयान: तहरीर मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए एसीपी विभूतिखंड विनय द्विवेदी ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि छात्र मेस से हॉस्टल के कमरे में खाना ले जाना चाहते थे, इसी बात को लेकर वार्डन के साथ उनका विवाद हुआ था। छात्रों ने वार्डन पर मारपीट और हाथ मरोड़ने का आरोप लगाया है। एसीपी ने साफ किया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन या छात्रों, किसी भी पक्ष की तरफ से अभी तक पुलिस को कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। शिकायत मिलते ही मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे।












