आरजी कर केस में बड़ा एक्शन: TMC के पूर्व विधायक निर्मल घोष ओडिशा से गिरफ्तार, सबूत मिटाने का आरोप

आरजी कर मामले में पूर्व तृणमूल विधायक निर्मल घोष ओडिशा से गिरफ्तार - हिन्दुस्थान समाचार

कोलकाता। आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने टीएमसी के पूर्व विधायक निर्मल घोष को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उन्हें ओडिशा से पकड़ा। निर्मल घोष पर आरोप है कि आरजी कर मामले में पीड़िता के अंतिम संस्कार से जुड़े घटनाक्रम के दौरान कथित तौर पर सबूत मिटाने में उनकी भूमिका रही।

यह कार्रवाई उस मामले में हुई है, जिसमें पीड़िता के अंतिम संस्कार को लेकर कई सवाल उठाए गए थे। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 9 अगस्त को पुलिस को इस मामले में नया केस दर्ज कर जांच तेज करने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि पीड़िता का अंतिम संस्कार पानीहाटी में जल्दबाजी में किया गया था और उस समय निर्मल घोष भी वहां मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने अंतिम संस्कार की फीस माफ किए जाने और दस्तावेजों पर परिवार के सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने निर्मल घोष के अलावा पीड़िता के पड़ोसी संजय मुखर्जी और पार्षद सोमनाथ डे की भूमिका की भी जांच के निर्देश दिए थे।

पीड़िता के पिता की ओर से खारदाह थाने में दर्ज शिकायत में निर्मल घोष और दो अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए थे। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अंतिम संस्कार जल्दबाजी में किए जाने से महत्वपूर्ण सबूत जुटाने और दोबारा पोस्टमार्टम की संभावना प्रभावित हुई।

मामले की मूल जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। वहीं, अंतिम संस्कार से जुड़े कथित सबूत मिटाने के मामले की जांच अब पश्चिम बंगाल पुलिस कर रही है। निर्मल घोष की गिरफ्तारी इसी जांच के तहत की गई है।

आरजी कर मामले की मूल घटना 9 अगस्त 2024 की है। 31 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर को आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार रूम में मृत पाया गया था। जांच में दुष्कर्म और हत्या की बात सामने आई थी। घटना के बाद देशभर में डॉक्टरों और आम लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था।

अंतिम संस्कार को लेकर भी बाद में कई सवाल उठे। आरोप है कि अन्य शवों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के बीच पीड़िता का अंतिम संस्कार पहले और जल्दबाजी में कराया गया। दस्तावेजों में परिवार के सदस्यों के बजाय पीड़िता के पड़ोसी के हस्ताक्षर होने का मुद्दा भी सामने आया।

आरजी कर मामले में एक आरोपी को अदालत दोषी ठहरा चुकी है। अब अंतिम संस्कार से जुड़े कथित सबूत मिटाने के मामले में पूर्व विधायक निर्मल घोष की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में किसकी क्या भूमिका थी और क्या किसी तरह से सबूतों को नुकसान पहुंचाया गया था।

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