बीजिंग/तेहरान: पश्चिम एशिया के अशांत हालातों के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने वैश्विक कूटनीति और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया, विशेषकर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जाने-माने कमेंटेटर मारियो नॉफाल के एक दावे ने सनसनी मचा दी है। दावा किया जा रहा है कि चीन के चार कार्गो विमानों ने पिछले 48 घंटों में गुपचुप तरीके से ईरान में लैंडिंग की है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन विमानों ने उड़ान भरने के तुरंत बाद अपने ‘ट्रांसपोंडर’ बंद कर दिए थे, जिससे उन्हें रीयल-टाइम में ट्रैक करना नामुमकिन हो गया।
‘डार्क फ्लाइट्स’ का रहस्य: क्या ईरान पहुंच रहे हैं हथियार?
🇨🇳🇮🇷 4 Chinese cargo planes allegedly switched off their transponders and landed in Iran within the last 48 hours, reportedly carrying arms and ammunition.
The flights went dark mid-route before entering Iranian airspace.
This comes days after Xi reportedly assured Trump that… https://t.co/hkW4NEoK1a pic.twitter.com/YMTNKku0pY
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) April 17, 2026
एविएशन की भाषा में इन उड़ानों को ‘डार्क फ्लाइट्स’ कहा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांसपोंडर बंद करना बेहद असामान्य कदम है और ऐसा आमतौर पर तब किया जाता है जब किसी मिशन को पूरी तरह गोपनीय रखना हो। सोशल मीडिया पर यह चर्चा जोरों पर है कि क्या चीन इन विमानों के जरिए ईरान को सैन्य साजो-सामान या हथियारों की बड़ी खेप भेज रहा है? हालांकि, अभी तक किसी भी अंतरराष्ट्रीय संस्था या स्वतंत्र एजेंसी ने इन कार्गो विमानों के भीतर क्या था, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
चीन ने दावों को बताया ‘बकवास’, अमेरिका ने दी सख्त चेतावनी
चीनी विदेश मंत्रालय ने इन तमाम दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रवक्ता लिन जियान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये सैटेलाइट आधारित दावे पूरी तरह काल्पनिक और ‘बकवास’ हैं। उन्होंने अमेरिका को आगाह करते हुए कहा कि अगर इन झूठे आरोपों के आधार पर कोई कार्रवाई की गई, तो चीन इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। गौर करने वाली बात यह है कि चीन ने हाल ही में अमेरिका को भरोसा दिलाया था कि वह ईरान को कोई सैन्य सहायता नहीं देगा। ऐसे में इन उड़ानों ने बीजिंग की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
प्रतिबंधों की आहट और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहराता संकट
दूसरी ओर, वाशिंगटन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ईरान की सैन्य मदद करने वाले किसी भी देश को बख्शेगा नहीं और उन पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। हालांकि, लेबनान में सीजफायर और होर्मुज जलडमरूमध्य के आंशिक रूप से खुलने से राहत के संकेत मिले थे, लेकिन इन रहस्यमयी उड़ानों ने एक बार फिर मध्य पूर्व में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ये विमान वास्तव में ‘शांति’ का सामान लेकर आए थे या फिर ये आने वाली किसी बड़ी सैन्य हलचल की आहट हैं।















