लॉकडाउन में सितारों को बनाएं साथी, अधिक चमकदार शुक्र ग्रह का करें दीदार

भोपाल । लॉकडाउन के चलते लोग अपने घरों में कैद हैं। ऐसे में शाम ढलने के बाद आप आसमान में चमकते सितारों को अपना साथी बनाकर आसानी से समय बिता सकते हैं। इन दिनों सूरज के छिपते ही पश्चिमी आकाश में सबसे पहले दिखाई देने वाला सोलर सिस्टम का दूसरा प्लेनेट वीनस (शुक्र) अपनी सामान्य चमक से अधिक तेज चमक रहा है। विगत 28 अप्रैल को वीनस की अपनी सामान्य चमक से लगभग तीन गुना अधिक तेज थी। पृथ्वी का यह पड़ौसी शुक्र ग्रह इस समय हमारे बेहद नजदीक है।

राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त भोपाल की विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने रविवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि वीनस का सूरज से प्रकाशित भाग जब हमारे स्काई डोम के अधिकतम भाग की ओर होता है, तब यह सबसे अधिक चमकीला दिखता है। बीते एक पखवाड़े से यह स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार चंद्रमा की कलाएं दिखाई देती हैं, उसी प्रकार वीनस की भी कलाएं भी देख सकते हैं।चंद्रमा पूर्णिमा पर 100 प्रतिशत प्रकाशित होने पर सबसे ज्यादा चमकीला होता है, लेकिन आपको जानकर आशचर्य होगा कि वीनस का जब लगभग 25 प्रतिशत भाग प्रकाशित होता है, तब यह यह सबसे अधिक चमकीला दिखता है।

सारिका ने बताया कि इसका कारण यह है कि वीनस की इस क्रिसेंट फेस में पृथ्वी के आकाश का सबसे अधिक भाग कवर होता है और यह पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है। उन्होंने बताया कि वीनस की विदाई का समय आ गया है। अब रोजाना इसकी चमक फीकी पड़ती जाएगी और पश्चिम दिशा में यह नीचे की ओर दिखता हुआ विदा लेगा।


आगामी तीन जून को यह शाम के आकाश में दिखना बंद हो जायेगा। तो आइए, लॉकडाउन की ढलती शाम को चमचमाते वीनस को निहारें और आसामान में सितारों का आनंद उठायें। उन्होंने बताया कि कुछ लोग लोग जानकारी के अभाव में शुक्र ग्रह को ही ध्रुव तारा कह देते हैं, जबकि कुछ लोग शुक्र तारा कहते हैं, जबकि सच तो यह है कि यह तारा नहीं, बल्कि ग्रह (प्लेनेट) है।

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