
उत्तर-पश्चिम दिल्ली के नरेला इलाके में दो दिन पहले हुए चर्चित प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद कुमार (42) हत्याकांड में दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। रोहिणी जिले के स्पेशल स्टाफ और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ गैंग के तीन शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। रोहिणी इलाके में हुई इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच आमने-सामने करीब 14 राउंड अंधाधुंध गोलियां चलीं।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो शूटरों के पैर में लगी गोली मुठभेड़ के दौरान बदमाशों द्वारा की गई फायरिंग के जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं। करारे जवाब में दो मुख्य शूटरों—दीपक पहलवान और नीतिक के पैर में गोली लगी, जिसके बाद वे वहीं गिर पड़े। पुलिस ने दोनों घायल शूटरों को तुरंत हिरासत में लेकर इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक नाबालिग आरोपी सहित कुल तीन शूटरों को दबोचने में सफलता पाई है।
जिम के बाहर घात लगाकर की गई थी नृशंस हत्या नरेला के रहने वाले प्रमोद कुमार ‘मुकुल गार्डन’ बैंक्वेट हॉल के मालिक थे और ‘मुकुल प्रॉपर्टीज’ के नाम से रियल एस्टेट का बड़ा कारोबार चलाते थे। दो दिन पहले सुबह जब वे रोज की तरह वर्कआउट के लिए जिम पहुंचे थे, तब पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। जांच में खुलासा हुआ कि प्रमोद को रंगदारी के लिए लगातार धमकियां दी जा रही थीं, जिसके चलते वे सुरक्षा के तौर पर अपने दोस्त की बुलेटप्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल कर रहे थे। हालांकि वारदात वाले दिन जैसे ही वे गाड़ी से उतरकर जिम की ओर बढ़े, शूटरों ने उन्हें संभलने का मौका दिए बिना गोलियों से भून डाला था।
रोहिणी में घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने की सीधी फायरिंग हत्याकांड की तफ्तीश में जुटी स्पेशल टीमों को तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचनाओं के जरिए पता चला था कि हिमांशु भाऊ गैंग के शूटर रोहिणी क्षेत्र में छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर जब रोहिणी डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ की टीम ने इलाके में घेराबंदी कर बदमाशों को सरेंडर करने की चेतावनी दी, तो उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई के बाद सभी शूटरों को काबू में कर लिया गया।
विदेश में बैठे गैंगस्टर से जुड़े तार, रंगदारी से जुड़ा मामला पुलिस की प्राथमिक जांच से स्पष्ट हुआ है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड के तार विदेश से अपना गिरोह चला रहे गैंगस्टर हिमांशु भाऊ से सीधे जुड़े हैं। रंगदारी (रंगदारी टैक्स) न देने के कारण ही इस हत्या की साजिश रची गई थी। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार शूटरों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि रंगदारी में कितनी रकम की मांग की गई थी, हत्या की पूरी रूपरेखा किसने तैयार की थी और इस सिंडिकेट में कौन-कौन से अन्य गुर्गे शामिल हैं।













