यूपी में कुदरत का कहर: आंधी-तूफान और बिजली गिरने से 111 मौतें, मची भारी तबाही; सीएम योगी का एक्शन-24 घंटे में मिले मुआवजा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे कुदरत के रौद्र रूप के गवाह बने। 13 मई को आए भीषण आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली ने प्रदेश के 26 जिलों में मौत का तांडव मचाया है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 111 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 72 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। तबाही का मंजर इतना खौफनाक था कि 227 घर मलबे में तब्दील हो गए और 170 बेगुनाह पशुओं की भी मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस त्रासदी पर गहरा दुख जताते हुए प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाने के आदेश दिए हैं।

प्रयागराज और मिर्जापुर में सबसे ज्यादा मौतें

इस आसमानी आफत ने सबसे ज्यादा जख्म प्रयागराज को दिए हैं, जहां बिजली गिरने और दीवार गिरने जैसी घटनाओं में 21 लोगों की मौत हुई है। वहीं, मिर्जापुर में 19, भदोही (संत रविदास नगर) में 16 और फतेहपुर में 11 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। राज्य के अन्य जिलों से भी लगातार जान-माल के नुकसान की खबरें आ रही हैं। मलबे में दबे लोगों को निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें लगातार जुटी हुई हैं।

सीएम योगी का सख्त निर्देश: 24 घंटे के भीतर पहुंचे मदद

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों (DM) को दो टूक निर्देश दिए हैं कि अगले 24 घंटे के भीतर सभी प्रभावित परिवारों का सत्यापन कर उन्हें सरकारी सहायता राशि वितरित की जाए। सीएम ने साफ कहा है कि अधिकारी दफ्तरों में बैठने के बजाय पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि राहत कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी हुई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

राहत आयुक्त ने की समीक्षा, अलर्ट मोड पर प्रशासन

राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रभावित जिलों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि ‘सचेत पोर्टल’ के माध्यम से जनता को पहले ही करीब 35 करोड़ अलर्ट संदेश भेजे गए थे। आपदा की घड़ी में मदद के लिए राज्य स्तरीय हेल्पलाइन नंबर 1070 को एक्टिव रखा गया है। राहत आयुक्त कार्यालय का कंट्रोल रूम 24 घंटे निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी जिले में मदद की कमी न हो।

प्रभारी मंत्रियों को कमान, फील्ड पर उतरने के आदेश

मुख्यमंत्री ने जिलों के प्रभारी मंत्रियों को भी निर्देश दिया है कि वे तुरंत अपने प्रभार वाले क्षेत्रों का दौरा करें। मंत्रियों को पीड़ित परिवारों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनने और मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। जिलाधिकारियों ने राहत राशि बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि जिनका आशियाना उजड़ गया है या जिनके अपनों का साथ छूट गया है, उन्हें तत्काल आर्थिक संबल मिल सके।

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