NEET 2026 Paper Leak: ‘प्राइवेट माफिया’ टेलीग्राम ग्रुप पर 1 मई को ही लीक हो गया था सेट-12, CBI कोर्ट में हुए कई बड़े खुलासे

NEET UG 2026 की परीक्षा विवादों के घेरे में है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स और पड़ताल में यह दावा किया जा रहा है कि परीक्षा से दो दिन पहले यानी 1 मई 2026 को ही पेपर एक टेलीग्राम ग्रुप पर लीक कर दिया गया था। CBI इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अब तक कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

‘प्राइवेट माफिया’ टेलीग्राम ग्रुप और सेट नंबर-12 का रहस्य

पड़ताल के अनुसार, ‘प्राइवेट माफिया’ नामक एक टेलीग्राम ग्रुप में 1 मई की रात लगभग 11:30 बजे एक PDF फाइल अपलोड की गई थी।

  • मैचिंग सवाल: असली परीक्षा के सेट नंबर-12 और टेलीग्राम पर डाले गए पेपर के बीच अद्भुत समानता देखी गई है।

  • प्रमुख उदाहरण:

    • फिजिक्स (Physics): सवाल नंबर 5 (बॉल की वर्टिकल वेलोसिटी और टाइम ग्राफ) असली पेपर से 100% मैच कर रहा है।

    • प्रिज्म सवाल: सवाल नंबर-23 (प्रिज्म ABC से गुजरती मोनोक्रोमेटिक लाइट) के फोटो और चारों ऑप्शंस (40°, 45°, 55°, 35°) हूबहू वही हैं जो टेलीग्राम ग्रुप पर शेयर किए गए थे।

    • इलेक्ट्रिक सर्किट: सवाल नंबर-24 का सर्किट डायग्राम भी पूरी तरह समान पाया गया है।

ग्रुप का विवरण: इस ग्रुप में कुल 402 मेंबर हैं। पेपर अपलोड करने से पहले एडमिन ने ‘LeakMafia@9466’ पासवर्ड शेयर किया था और दावा किया था कि 99.99% यही सवाल आएंगे।

CBI की कार्रवाई: 5 आरोपी 7 दिन की कस्टडी में

CBI ने इस मामले में एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। गुरुवार को दिल्ली की स्पेशल CBI कोर्ट (जज अजय गुप्ता) ने 5 मुख्य आरोपियों को 7 दिन की रिमांड पर भेज दिया है:

  1. शुभम खैरनार (नासिक)

  2. मांगीलाल बीवाल (जयपुर)

  3. विकास बीवाल (जयपुर)

  4. दिनेश बीवाल (जयपुर)

  5. यश यादव (गुरुग्राम)

CBI की जांच में हुए बड़े खुलासे

CBI के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के अनुसार, यह एक सुनियोजित साजिश थी जिसका दायरा पूरे देश में फैला हुआ है:

  • सौदा और कीमत: मांगीलाल बीवाल ने अपने बेटे के एडमिशन के लिए 12 लाख रुपये में सौदेबाजी की थी। शुभम खैरनार ने 29 अप्रैल को ही पेपर देने का प्रस्ताव दिया था।

  • मॉडस ऑपरेंडी (तरीका): गिरोह ने सीधे पेपर न देकर, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के सैकड़ों सवालों को मिलाकर एक सेट तैयार किया ताकि किसी को शक न हो। आरोपियों का दावा था कि कम से कम 150 सवाल मुख्य परीक्षा से मेल खाएंगे।

  • सबूत मिटाने की कोशिश: आरोपी यश यादव ने अपने आईफोन से मांगीलाल और विकास के साथ हुई व्हाट्सएप चैट हिस्ट्री को डिलीट कर दिया था, जिसे फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं।

  • सरकारी कनेक्शन की तलाश: CBI अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट में कौन से सरकारी कर्मचारी, प्रिंटिंग प्रेस के लोग या नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े व्यक्ति शामिल हो सकते हैं।

आगे क्या?

CBI अब इन पांचों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाएगी कि लीक हुए पेपर की PDF फाइल देश के और किन-किन हिस्सों में भेजी गई थी और इस अवैध धंधे में कौन-कौन से बड़े ‘मास्टरमाइंड’ शामिल हैं। फिलहाल छात्रों और अभिभावकों के बीच परीक्षा की शुचिता को लेकर भारी आक्रोश है।

नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध मीडिया सूचनाओं और CBI की कोर्ट में दी गई दलीलों पर आधारित है। अंतिम सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

पेपर लीक के लिए प्राइवेट माफिया नाम का ग्रुप बनाया गया था।
पेपर लीक के लिए प्राइवेट माफिया नाम का ग्रुप बनाया गया था।
असली पेपर में सवाल नंबर 5
असली पेपर में सवाल नंबर 5
लीक पेपर में सवाल नंबर-23 और 24
लीक पेपर में सवाल नंबर-23 और 24
असली पेपर में सवाल नंबर-23 और 24
असली पेपर में सवाल नंबर-23 और 24
टेलीग्राम ग्रुप में पासवर्ड भी भेजा गया था।
टेलीग्राम ग्रुप में पासवर्ड भी भेजा गया था।

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