बिल्डर के यहां चोरी करने वाला नेपाली नौकर बरेली से पकड़ा गया

25 हजार का ईनाम था आरोपी पर, लाखों रुपये का माल भी बरामद नहीं कर पायी एसटीएफ

भास्कर समाचार सेवा
मेरठ। लगभग एक माह पूर्व बिल्डर प्रदीप गुप्ता निवासी कमला नगर थाना टीपी नगर के घर हुई चोरी की घटना का खुलासा कर दिया गया। एसटीएफ मेरठ टीम के निरीक्षक प्रशांत कपिल ने बताया, उप निरीक्षक संजय कुमार के नेत्तृव में टीम जनपद बरेली क्षेत्र में 25 हजार के ईनामी व वांछित की गिरफ्तारी के लिए मामूर थी। मुखबिर की सूचना पर आरोपी नौकर लक्ष्मण को मिनी बाईपास तिराहे से पकड़ लिया। वह नेपाल भागने की फिराक में था।

घटना की कहानी आरोपी की जुबानी
आरोपी ने पूछताछ पर बताया, उसके गांव के लालभूल ने उसे फोन पर बताया, मेरठ में एक व्यक्ति के घर में शादी होने वाली है। जिसके पास काफी पैसा व जेवरात है। मैं और बलबहादुर धामी व सुरेन्द्र कटुवाल उर्फ विलकीट मिलकर चोरी करने वाले हैं और चोरी के दौरान हम इनकी कार भी लेकर जायेंगे। तुमको यह गाड़ी चलाकर हम लोगों को यूपी के बार्डर के बाहर तक छोड़ना है। गाड़ी वही छोड़कर हम नेपाल चले जायेंगे। इस चोरी में जो भी सामान मिलेगा उसे हम बाद में बराबर-बराबर आपस में बाट लेंगे। इस पर मैं 19-11 नवंबर को मुम्बई से मेरठ आया, जहाँ लालभूल ने मुझे घंटाघर के पास एक होटल में रूकवाया। अगले दिन बल बहादुर, सुरेन्द्र कटुवाल व लाल भूल होटल में आये तथा घटना के बारे में बातचीत की। उसके बाद हम सभी लोग प्रदीप गुप्ता के घर गये और वहाँ पर सुरेन्द्र कटुवाल उर्फ विलकीट को घर के बाहर खड़ाकर हम तीनों अन्दर घर में घुस गये। घर में मौजूद चौकीदार को हमने नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया था। उसके बाद मैं घर के बाहर चौकीदारी करने के लिए खड़ा हो गया और सुरेन्द्र कटुवाल उर्फ विलकीट को घर के अन्दर लॉकर तोड़ने के लिए भेज दिया। कुछ देर बाद ये तीनों लोग अपने हाथों में बैग लेकर बाहर आये तथा मुझे एक कागज में लिपटा कुछ सामान व 25 हजार रुपए देकर कहाँ कि गाड़ी की चाबी नहीं मिली है इसलिए तुम यहाँ से वापस चले जाओ, जब ज्वैलरी 10-15 दिन में बिक जायेगी तो हम लोग कॉल कर देंगे। तब नेपाल आकर अपना हिस्सा ले लेना। उसके बाद मैं बस से सहारनपुर पहुँचा और वहाँ से ट्रेन द्वारा मुम्बई पहुँच गया। वहाँ से पुलिस के डर की वजह से मैं पुणे चला गया तथा वहाँ जाकर मैने सुरेन्द्र कटुवाल उर्फ विलकीट से जरिये फेसबुक वार्ता हुई, तब उसने मुझे बताया कि हमने कुछ ज्वेलरी धनगढ़ी में एक सुनार को बेच दी है तथा तुमको हिस्सा मिल जायेगा तुम आ जाओ। पुलिस के डर के कारण मैं पुणे से लुधियाना पंजाब चला गया, वहाँ पहुँचकर सुरेन्द्र कटुवाल उर्फ विलकीट से सम्पर्क करना चाहा लेकिन, सम्पर्क नहीं हो पाया। सुरेन्द्र कटुवाल उर्फ विलकीट से सम्पर्क न होने पर मैं 18 दिसंबर को लुधियाना से अम्बाला आया और अम्बाला से नेपाल जाने के लिए बरेली पहुँचा था कि आपने पकड़ लिया।

सुरेन्द्र कटुवाल घटना का मास्टर माइंड
निरीक्षक प्रशांत कपिल ने बताया, प्रारम्भिक रूप से यह तथ्य प्रकाश में आया है, सुरेन्द्र कटुवाल इस पूरे घटना का मास्टर माइंड है। इस घटना को अंजाम देने के लिए 80 हजार (नेपाली) रुपए विलकेट उर्फ सुरेन्द्र ने लालभूल को दिये थे। इसी के कहने पर बल बहादुर और लालभूल ने टारगेट का चयन किया और इन लोगों ने घटना को अंजाम दिया।

सर्राफा कारोबारियों से संपर्क आया सामने
सुरेन्द्र की जान पहचान धनगढ़ी और आसपास (नेपाल) के सरार्फा कारोबारियों से है, जहाँ पर चोरी गए ज्वेलरी को आसानी से ठिकाने लगा देते हैं। यह भी जानकारी में आया है कि इस तरह के और भी गैंग सुरेन्द्र कटूवाल उर्फ विलकीट नेपाल से आपरेट करता हैं और भारत में वारदात कराता है, जिसके बारे में जानकारी करने का प्रयास किया जा रहा हैं।

ये हुआ बरामद
एक गले का हार पीली धातू, 05 सिक्के सफेद धातू, 01 नेपाली नागरिक प्रमाण पत्र, 01 आधार कार्ड, 01 ड्राईविंग लाईसेंस, 01 पैनकार्ड, 10 रुपए का नेपाली नोट, 3015 नगद भारतीय करेंसी, 01 मोबाइल बरामद हुआ।

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