NHAI टोल स्कैम: ED की बड़ी स्ट्राइक, देश भर में 14 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, जानें क्या है पूरा घोटाला

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के विभिन्न टोल प्लाजा पर फर्जीवाड़े और अवैध वसूली के जरिए करोड़ों रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कस दिया है। ED की लखनऊ जोनल टीम ने बुधवार (2 सितंबर) को तड़के एक साथ देश के कई राज्यों में 14 ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। यह तलाशी अभियान उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू, मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित परिसरों में एक साथ चलाया जा रहा है।

फर्जी सॉफ्टवेयर से रसीदें बनाकर NHAI को लगाया करोड़ों का चूना

मामले की जांच कर रही एजेंसियों को गुप्त सूचनाएं मिली थीं कि विभिन्न टोल प्लाजा पर अनऑथराइज्ड (अवैध) सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर जाली टोल रसीदें काटी जा रही थीं। यही नहीं, फर्जी FASTag के जरिए ओवरलोडेड कमर्शियल वाहनों को बिना सही एंट्री के निकाला जा रहा था। इस तरह टोल से मिलने वाले भारी-भरकम राजस्व को NHAI के आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम में भेजने के बजाय सीधे डायवर्ट कर दिया जाता था, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा है।

फॉरेंसिक जांच में पुष्टि, IT कर्मियों और संचालकों की सांठगांठ

फॉरेंसिक ऑडिट और NHAI के तकनीकी रिकॉर्ड्स में ऐसे अवैध सॉफ्टवेयर के सक्रिय होने की पुष्टि हो चुकी है। जांच में सामने आया है कि इस घोटाले की रकम को टोल संचालकों, आईटी कर्मियों और मुख्य साजिशकर्ताओं के बीच बांटा जाता था। ED की टीमें छापेमारी के दौरान डिजिटल एविडेंस, बैंक खातों के विवरण, हार्ड डिस्क और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज खंगाल रही हैं, ताकि मनी ट्रेल और इसके अंतिम लाभार्थियों (Beneficiaries) का पर्दाफाश किया जा सके। UP STF समेत अन्य जांच एजेंसियों के रडार पर कई प्रमुख टोल संचालक हैं।

मास्टरमाइंड आलोक सिंह की गिरफ्तारी और 200 टोल प्लाजा जांच के दायरे में

इस बड़े नेटवर्क के मास्टरमाइंड आलोक सिंह को वाराणसी से पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उस पर वाराणसी के हरहुआ में रहकर इस पूरे अवैध रैकेट को संचालित करने का आरोप है। इसके अलावा, वाराणसी के लाला नगर टोल प्लाजा पर 62.87 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी के मामले की भी समानांतर जांच चल रही है। फिलहाल ED की नजर देशभर के 200 से अधिक टोल प्लाजा पर है, जिनमें से अकेले उत्तर प्रदेश के लगभग 100 टोल प्लाजा शामिल हैं।

पिछले महीने भी हुई थी PMLA के तहत कार्रवाई

उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले महीने भी फर्जी टोल वसूली से जुड़े इसी मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, जम्मू, एनसीआर और कोलकाता में 14 परिसरों पर व्यापक छापेमारी की थी। ED की लगातार हो रही इस कार्रवाई से फर्जीवाड़ा करने वाले टोल माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

 

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