सरकारी अस्पताल बिना सुविधा शुल्क के नहीं होता कोई काम, छात्रों से भी मांगा जा रहा है सुविधा शुल्क

भास्कर समाचार सेवा

मुरादनगर । यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिना पैसे दिए कोई काम नहीं होता और यदि कोई रुपए नहीं देता उसको इतने चक्कर लगवाए जाते हैं कि वह यही सोचने को विवश हो जाता है कि सरकार लाख दावे भ्रष्टाचार मिटाने के कर रही हो लेकिन स्वास्थ्य विभाग में बेलगाम हुई व्यवस्था पर इसका कुछ फर्क नहीं पड़ा है। यहां तक कि जिन छात्र-छात्राओं को स्कूल कॉलेजों में लगाने के लिए मेडिकल आदि की आवश्यकता पड़ती है उनसे भी रुपयों की मांग की जाती है ।हाईवे स्थित एक कॉलेज की छात्रा ने बताया कि उनसे कॉलेज में अस्पताल का हेल्थ सर्टिफिकेट देने के लिए कहा गया था उसके लिए गए कई छात्र-छात्राएं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची जहां मौजूद एक कर्मचारी ने 500, रुपए एक छात्र से मांगे ।छात्रों द्वारा जब यह कहा गया कि हम कॉलेज के छात्र हैं और यह व्यवस्था सरकार की ओर से अस्पताल में निशुल्क है ।उस पर उसने उनसे कहा कि सारी जांचें करा कर लाओ फिर देखेंगे ।उन्होंने हॉस्पिटल अधीक्षक से मिलने का प्रयास किया लेकिन वह अपनी सीट पर मौजूद नहीं मिले पता चला कि वह देर से आएंगे।यह एक इकलौता ही मामला नहीं है ऑपरेशन डिलीवरी आदि के लिए खुलेआम रुपए लिए जाते हैं ।मरीज की मजबूरी यह होती है कि कहीं रुपए न देने पर उनके मरीजों के साथ कुछ गलत न हो जाए ।जिला चिकित्सा अधिकारी ने ऐसे कुछ कर्मचारियों को सबक भी सिखाया है लेकिन यहां के कर्मचारी डॉक्टर अपनी मनमानी कर रहे हैं। इतना ही नहीं गर्भवती महिलाओं को यहां भर्ती करने से इनकार करते हुए निजी अस्पतालों में भर्ती कराने की सलाह दी जाती है जहां से उन्हें भी कुछ मिल जाता है। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जिनमें अस्पताल से कई महिलाओं को नर्सिंग होम वालों के अस्पताल के चहेतों ने नजदीकी नर्सिंग होम में यह कहते हुए भेजा कि यहां व्यवस्थाएं नहीं है और नर्सिंग होम वालों ने भी उनसे मोटे रुपए वसूल किए। कुछ मामले सामने आने पर समझौता भी किया गया। छात्राओं ने बताया कि वह कॉलेज प्रबंधन के सामने इस बात को रख उच्चाधिकारियों से भी मिलेंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन नहीं हो सका।

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