नई दिल्ली में विपक्षी एकता का बड़ा शक्ति प्रदर्शन एक दिन के लिए आगे बढ़ गया है. कांग्रेस और ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन द्वारा आयोजित होने वाले ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम की तारीख में बदलाव किया गया है. लोक सभा सांसद और विपक्ष के प्रमुख नेता राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के कई शीर्ष सांसदों के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इस निर्णय की आधिकारिक जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बुजुर्ग सांसदों की सुविधा और आवाजाही में आ रही दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए यह आयोजन अब कल होगा. इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विशाल रैली को रोकने और कार्यकर्ताओं को परेशान करने का सीधा आरोप भी लगाया.
मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर जुटेगा विपक्ष, राहुल गांधी ने सरकार पर कसा तंज
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम के समय में भले ही बदलाव हुआ हो, लेकिन इसका स्वरूप और स्थान पूरी तरह वही रहेगा. यह महत्वपूर्ण आयोजन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आधिकारिक आवास पर ही आयोजित किया जाएगा, जिसमें ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल सभी घटक दलों के सांसद और वरिष्ठ नेता एकजुट होकर शिरकत करेंगे. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी के साथ समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की सांसद महुआ मांझी सहित विपक्ष के कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे, जो विपक्षी एकजुटता का संदेश दे रहे थे.
1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली में हर आम-खास का आह्वान, बॉर्डर पर रोकने का आरोप
दिल्ली में 1 नवंबर को आयोजित होने वाली कांग्रेस की महारैली को लेकर राहुल गांधी ने जनता से खुलकर शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में होने वाला यह विरोध प्रदर्शन देश के हर उस नागरिक के लिए है जो बदलाव चाहता है—चाहे वह राजनीति से जुड़ा हो, छोटा-बड़ा व्यापारी हो या फिर नौकरीपेशा इंसान.
सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि:
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उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और पंजाब जैसे राज्यों से लाखों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आम जनता दिल्ली पहुंचना चाहती है.
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केंद्र सरकार के इशारे पर अभी से ही लोगों को दिल्ली सीमा में प्रवेश करने से रोका जा रहा है और गाड़ियों की चेकिंग के नाम पर रुकावटें खड़ी की जा रही हैं.
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इसके बावजूद पूरा विपक्ष एक साथ मजबूती से खड़ा है और लोकतंत्र की आवाज को दबने नहीं देगा.



















