नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के गढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसानों के लिए हमने इतना बड़ा फैसला किया है कि आज तृणमूल को भी इस सभा में हमारा स्वागत करने के लिए झंडे लगाने पड़े और उनको अपनी तस्वीर लगानी पडी ये भाजपा की नहीं हमारे किसानों की विजय है.
पीएम मोदी ने किसान रैली के दौरान कहा…
कि दशकों के वामपंथी शासन ने पश्चिम बंगाल को जिस हाल में पहुंचाया, आज बंगाल की हालात उससे भी बदतर होती जा रही है. ये सिंडिकेट है जबरन वसूली का, ये सिंडिकेट है किसानों से उनका लाभ छीनने का, ये सिंडिकेट है अपने विरोधी की हत्या करने वालों का, ये सिंडीकेट है गरीब पर अत्याचार करने का है. उन्होंने कहा कि मां-माटी-मानुष की बात करने वालों का पिछले 8 साल में असली चेहरा, उनका सिंडिकेट सामने आ चुका है. किसान को लाभ नहीं, गरीब का विकास नहीं, नौजवान को नए अवसर नहीं, ‘जगाई उन्नयन और मधाई उन्नयन’ पश्चिम बंगाल की अब नई पहचान बनता जा रहा है.
उन्होंने कहा कि कोई भी समाज तब तक आगे नहीं बढ़ सकता, अगर किसान उपेक्षित हों. कोई भी देश तब तक आगे नहीं बढ़ सकता, अगर गांव अविकसित हों. किसानों को MSP सही मिले इसके लिए किसान मांग करते रहे, आन्दोलन करते रहे लेकिन दिल्ली में बैठी सरकार ने किसानों की एक न सुनी. किसानों को लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने का ऐतिहासिक फैसला हमारी सरकार ने लिया है.
पीएम मोदी ने कहा कि देश आज परिवर्तन के एक बड़े दौर से गुजर रहा है.
स्वतंत्रता आंदोलन के समय, जिस प्रकार एक संकल्प लेकर उसे सिद्ध किया गया था, वैसे ही इस समय देश संकल्प से सिद्धि की यात्रा पर है. उन्होंने कहा कि सवा सौ करोड़ भारतीय मिलकर न्यू इंडिया के अपने सपने को सच करने के लिए प्रयास कर रहे हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि किसानों के लिए बड़ा फ़ैसला लिया और किसान हमारा अन्नदाता है. हर शख़्स तक लाभ पहुंचाना है और गांव आगे बढ़े तभी देश आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने MSP की फ़ाइल दबाई और बीज से बाज़ार तक काम कर रहे हैं. किसान की आय डबल करने का लक्ष्य, 2022 तक किसान की आय दोगुनी होगी. ब्लू रिवोल्यूशन पर भी काम हो रहा है और पहले किसानों की अनदेखी हुई है.













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