
जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है, जहां मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार अपनी ही पार्टी के भीतर से उठ रही बगावती आवाजों से घिर गई है। एक तरफ जहां सीएम उमर अब्दुल्ला अपनी निजी जिंदगी और वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान से दूसरी शादी की चर्चाओं को लेकर सुर्खियों में हैं, तो वहीं दूसरी ओर उनकी सरकार के अस्तित्व पर संकट गहरा गया है। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के करीब 25 विधायक अपनी ही सरकार और नेतृत्व की कार्यप्रणाली से बेहद नाराज हैं और उन्होंने पार्टी हाईकमान को अपनी मांगें पूरी करने के लिए 14 दिनों का अल्टीमेटम दे दिया है।
मांगें न मानने पर राजभवन जाकर समर्थन वापसी की चेतावनी
सूत्रों के मुताबिक, असंतुष्ट विधायकों ने साफ कर दिया है कि अगर तय समयसीमा के भीतर उनकी शर्तें नहीं मानी गईं, तो वे सीधे राजभवन जाकर सरकार से अपना समर्थन वापस लेने की अधिकारिक पत्र सौंपेंगे। हालांकि, अब तक किसी भी विधायक ने खुलकर कैमरे के सामने आकर पार्टी छोड़ने का ऐलान नहीं किया है, लेकिन अंदरूनी खींचतान चरम पर पहुंच चुकी है। विधायकों की इस नाराजगी की वजह सिर्फ कैबिनेट में मंत्री पद न मिलना ही नहीं है, बल्कि सरकार में नए और कुछ चुनिंदा चेहरों को जगह दिए जाने, मुख्यमंत्री के सलाहकार को हटाए जाने और चुनाव के दौरान अनुच्छेद 370 (Article 370) की बहाली को लेकर किए गए वादों पर सुस्ती बरतने जैसे कई बड़े मुद्दे शामिल हैं।
90 सीटों वाली विधानसभा का गणित और NC के 25 बागी विधायकों की 5 प्रमुख मांगें
जम्मू-कश्मीर की 90 सीटों वाली विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के पास 41 विधायक हैं। ऐसे में अगर 25 विधायक एक साथ बगावत का झंडा बुलंद करते हुए समर्थन वापस लेते हैं, तो उमर अब्दुल्ला सरकार का बहुमत पूरी तरह से संकट में आ जाएगा। सूत्रों के हवाले से नाराज विधायकों की 5 प्रमुख मांगें सामने आई हैं:
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मंत्रिमंडल में बदलाव: सरकार के सभी मौजूदा मंत्रियों को तुरंत उनके पदों से बर्खास्त किया जाए।
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सलाहकार की छुट्टी: मुख्यमंत्री के वर्तमान सलाहकार को पद से तुरंत हटाया जाए।
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निष्पक्ष पुनर्गठन: नए मंत्रिमंडल का गठन केवल निष्पक्षता और योग्यता के आधार पर किया जाए।
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विधायक दल से सलाह: मंत्री बनाने का फैसला कुछ चुनिंदा नेताओं के हाथ में होने के बजाय पूरे विधायक दल की सहमति से हो।
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अनुच्छेद 370 पर आक्रामक रुख: सरकार केंद्र के सामने अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली की मांग को मजबूती से उठाए।
27 अक्टूबर का मंत्रिमंडल विस्तार और वरिष्ठ नेताओं में फैला असंतोष
पार्टी के भीतर बगावत के सुर उठने की मुख्य वजह हाल ही में 27 अक्टूबर को हुआ मंत्रिमंडल विस्तार माना जा रहा है। उस समय सीएम उमर अब्दुल्ला ने अपनी पार्टी के चार विधायकों—अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्ला, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद वानी को सरकार में मंत्री बनाया था। इस फैसले से कई वरिष्ठ विधायक और पुराने दिग्गज नेता नाराज हो गए। छह बार के विधायक व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गुलाम अहमद गुल और अब्दुल मजीद लारमी जैसे कद्दावर नेताओं ने मंत्री न बनाए जाने पर सार्वजनिक रूप से अपनी गहरी निराशा जाहिर की थी।
सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी का इस्तीफा और अनुच्छेद 370 पर पार्टी से तल्खी
इस पूरे सियासी नाटक के बीच श्रीनगर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने 3 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और लोकसभा पद से इस्तीफा देने का बड़ा ऐलान करके उमर अब्दुल्ला की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मेहदी ने पार्टी नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वह अनुच्छेद 370 की बहाली, राजनीतिक कैदियों की रिहाई और कश्मीर के विशेष अधिकारों की रक्षा जैसे मूल चुनावी वादों से पीछे हट रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब भी पार्टी से उसके मेनिफेस्टो पर जवाब मांगा जाता है, तो बदले में ‘राजनीतिक मजबूरियों’ का पाठ पढ़ाया जाता है। मेहदी 3 नवंबर को बडगाम के बहिश्त-ए-जहरा पार्क में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करने वाले हैं, जिससे श्रीनगर लोकसभा सीट पर उपचुनाव की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
विधायक हिलाल अकबर लोन ने बगावत की खबरों को बताया भ्रामक
एक तरफ जहां 25 विधायकों के बागी होने की खबरें गर्म हैं, वहीं एनसी विधायक हिलाल अकबर लोन ने पार्टी छोड़ने की अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में एक सहयोगी विधायक के घर हुई बैठक को मीडिया और विरोधियों द्वारा गलत रंग दिया गया। लोन ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने ही उन्हें राजनीतिक वजूद दिया है और उनकी निष्ठा किसी मंत्री पद या सरकारी ओहदे की मोहताज नहीं है। उन्होंने दोहराया कि पार्टी को कमजोर करने की कोई भी कोशिश जम्मू-कश्मीर के सामाजिक ताने-बाने के लिए घातक होगी और वे हमेशा अपनी पार्टी और नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।


















