लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित राजनीतिक परिवार के सदस्य प्रतीक यादव अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनकी और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव की प्रेम कहानी आज भी लखनऊ की गलियों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय है। एक ऐसी लव स्टोरी जो स्कूल के दिनों में शुरू हुई, ईमेल के जरिए परवान चढ़ी और फिर 11 साल की लंबी डेटिंग के बाद शादी की दहलीज तक पहुंची।
ईमेल से शुरू हुआ था ‘इजहार-ए-इश्क’

प्रतीक और अपर्णा की मुलाकात उस दौर में हुई थी जब वे दोनों लखनऊ के अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते थे। इंटर-स्कूल कॉम्पिटिशन और कॉमन दोस्तों के जरिए शुरू हुई यह जान-पहचान साल 2001 में एक मोड़ पर आ गई। बताया जाता है कि एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में प्रतीक ने अपर्णा से उनकी ईमेल आईडी मांगी थी। इसके कुछ समय बाद जब अपर्णा ने अपना इनबॉक्स चेक किया, तो वह प्रतीक के मेल से भरा हुआ था। उन्हीं ईमेल्स में प्रतीक ने पहली बार अपने दिल की बात लिखी और अपर्णा को प्रपोज किया।
11 साल की डेटिंग और हाई-प्रोफाइल शादी

प्रतीक और अपर्णा ने एक-दूसरे को समझने के लिए लंबा वक्त लिया। करीब 11 साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद साल 2011 में इस जोड़े ने शादी करने का फैसला किया। मुलायम सिंह यादव के परिवार की यह शादी उस समय की सबसे हाई-प्रोफाइल शादियों में से एक थी। राजनीति से दूर रहने वाले प्रतीक और संगीत व समाज सेवा में रुचि रखने वाली अपर्णा की जोड़ी को ‘मेड फॉर ईच अदर’ माना जाता था।
जब तलाक की खबरों ने बटोरीं सुर्खियां
बीते कुछ महीनों में इस हंसते-खेलते परिवार पर कुछ ग्रहण लगता भी दिखा। प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम हैंडल से एक हैरान करने वाली पोस्ट साझा की गई थी, जिसमें अपर्णा पर परिवार की अनदेखी करने और खुद को मशहूर बनाने की होड़ में शामिल होने के आरोप लगाए गए थे। पोस्ट में प्रतीक के खराब मानसिक स्वास्थ्य का भी जिक्र था। इन खबरों ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी और दोनों के तलाक की अटकलें तेज हो गईं।
‘ऑल इज वेल’ के साथ खत्म हुआ था विवाद
विवाद बढ़ने के बाद प्रतीक यादव ने स्पष्ट किया था कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट हैक हो गया था। उन्होंने ‘ऑल इज वेल’ लिखकर उन तमाम चर्चाओं पर विराम लगा दिया था। इसके बाद इस जोड़े को अपनी बेटी के साथ छुट्टियां मनाते और खुशहाल पलों को साझा करते हुए भी देखा गया। लेकिन किसे पता था कि 11 साल के प्यार और संघर्ष से बनी यह कहानी महज 38 साल की उम्र में इस मोड़ पर आकर ठहर जाएगी।













