कानपुर 250 करोड़ साइबर फ्रॉड: मास्टरमाइंड सुल्तान मिर्जा पर शिकंजा कसा, 27 पुलिस टीमें नागपुर और औरैया में दे रही दबिश!

 कानपुर।  उत्तर प्रदेश के कानपुर में सामने आए 250 करोड़ रुपये के हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। इस गिरोह के कथित मास्टरमाइंड सुल्तान मिर्जा उर्फ अभय शुक्ला की गिरफ्तारी अब पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। शुरुआती जांच में आरोपी के दुबई भाग जाने की खबरें सामने आई थीं, लेकिन अब उसके वापस भारत लौटने का दावा किया जा रहा है।

कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, साइबर क्राइम टीम को आरोपी की संभावित लोकेशन नागपुर और औरैया में मिली है, जिसके बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।

मास्टरमाइंड की तलाश में 27 टीमें तैनात, नागपुर और औरैया में छापेमारी

सुल्तान मिर्जा की सटीक लोकेशन मिलने के बाद पुलिस ने उसे धर दबोचने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। कानपुर पुलिस की कुल 27 टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी और दबिश दे रही हैं। पुलिस का इरादा आरोपी को देश से बाहर भागने या ठिकाना बदलने से पहले हर हाल में दबोचने का है।

लिटिल मोंगा और प्रतीक कालरा पर भी शिकंजा, 25-25 हजार का इनाम और लुकआउट नोटिस जारी

इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का दायरा सिर्फ सुल्तान मिर्जा तक सीमित नहीं है। मामले में गिरोह से जुड़े दो अन्य कथित सरगनाओं—लिटिल मोंगा और प्रतीक कालरा की तलाश भी तेजी से की जा रही है।

कानपुर पुलिस ने तीनों प्रमुख आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है ताकि वे किसी भी रास्ते से विदेश न भाग सकें। इसके साथ ही तीनों शातिर भगोड़ों पर 25-25 हजार रुपये का नकद इनाम भी घोषित किया गया है।

कई राज्यों में फैला जाल: दिल्ली, मुंबई, पंजाब और हरियाणा में दबिश

मास्टरमाइंड और उसके सहयोगियों की तलाश में कानपुर पुलिस की टीमें सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में भी डेरा डाले हुए हैं। आरोपियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और मुंबई सहित कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।

विशेष रूप से पंजाब के अबोहर और फाजिल्का के साथ-साथ दिल्ली के कई संदिग्ध ठिकानों पर पुलिस ने दबिश देकर उनके मददगारों की तलाश शुरू कर दी है।

ठगी का आंकड़ा 400 करोड़ के पार जाने की आशंका, 650 से अधिक शिकायतें दर्ज

जांच एजेंसियों के मुताबिक इस अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का नेटवर्क उम्मीद से कहीं अधिक व्यापक है। ‘नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल’ (NCRP) पर दर्ज 650 से ज्यादा शिकायतों के तार सीधे तौर पर इसी गिरोह के नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं।

हालाँकि शुरुआती जांच में ठगी की रकम 250 करोड़ रुपये बताई जा रही थी, लेकिन जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही आशंका जताई जा रही है कि यह धोखाधड़ी 400 करोड़ रुपये से भी अधिक की हो सकती है। फिलहाल पुलिस टीम फर्जी बैंक खातों, शेल कंपनियों और संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

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