
नई दिल्ली । दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में बीते 6 सितंबर को हुए दर्दनाक इमारत हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली पुलिस लगातार सख्त रुख अपनाए हुए हैं। एमसीडी ने हादसे वाली इमारत से बिल्कुल सटी दूसरी जर्जर बहुमंजिला इमारत को गिराने की जमीनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में चौथी गिरफ्तारी की है। पुलिस ने पीजी (PG) ऑपरेटर सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका बिजनेस पार्टनर शुभम त्यागी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जगह-जगह छापेमारी कर रही हैं।
‘Hostel Daze’ नाम से चल रहा था पीजी, अब तक चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस जांच में सामने आया है कि मकान मालिक के बेटे महेश ने अगस्त 2025 में इस बिल्डिंग को शुभम त्यागी और सुधांशु को लीज पर दिया था, जो यहां ‘Hostel Daze’ नाम से लड़कियों का पीजी चला रहे थे। इस मामले में पुलिस इससे पहले इमारत की मालिक उर्मिला, उसके पति हरिराम और बेटे महेश को गिरफ्तार कर चुकी है। हादसे के तुरंत बाद सटी हुई खतरनाक बिल्डिंग को खाली करा लिया गया था। एमसीडी एक्सपर्ट्स की देखरेख में इसे गिराया जा रहा है और सुरक्षा के लिहाज से चारों तरफ लोहे के सपोर्ट लगाए गए हैं ताकि आसपास के ढांचों को नुकसान न पहुंचे।
दो दिनों में 1,100 पीजी का सर्वे, 24 अवैध संपत्तियों पर चला बुलडोजर
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने पूरी दिल्ली के सभी 12 जोनों में पीजी आवासों के खिलाफ व्यापक सर्वे और कार्रवाई का अभियान छेड़ दिया है। बीते दो दिनों में करीब 20,250 छात्रों की क्षमता वाले 1,100 से अधिक पीजी भवनों की जांच की गई। नियमों की अनदेखी करने पर 24 अवैध संपत्तियों को बुलडोजर चलाकर गिरा दिया गया है, 27 अन्य इमारतों को ध्वस्त करने के नए आदेश दिए गए हैं, जबकि 7 संपत्तियों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। यह सख्त अभियान लक्ष्मी नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, करोल बाग, चांदनी चौक और नेहरू विहार जैसे प्रमुख स्टूडेंट हब्स में चलाया गया है।
पूरी दिल्ली के पीजी की होगी मैपिंग, अवैध पांचवीं मंजिल पर तुरंत कार्रवाई
बढ़ते हादसों को देखते हुए MCD कमिश्नर ने दिल्ली भर के सभी पीजी की डिजिटल मैपिंग करने के निर्देश दिए हैं ताकि सुरक्षा और भवन निर्माण मानकों की निगरानी की जा सके। इसके अलावा, भवनों में अवैध रूप से बनाई जा रही पांचवीं मंजिल को लेकर प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आदेश के मुताबिक, यदि किसी निर्माणाधीन इमारत में बिना अनुमति के पांचवीं मंजिल का निर्माण पाया जाता है, तो उसे तुरंत ध्वस्त कर दिया जाएगा। वहीं, जिन पुरानी इमारतों में पांचवीं मंजिल पहले से मौजूद है, उनकी सुरक्षा जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।













