
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के कालकाजी स्थित 150 एकड़ में फैले आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ हुई दरिंदगी के मामले में नए और बेहद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी आसिफ (31) सहित उसके दो अन्य साथियों हेमंत (31) और उसके भाई मुकेश (24) को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवालों के बीच उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने कड़ा संज्ञान लिया है।
फर्जी पुलिसकर्मी बनकर आए, जर्जर मकान में ले जाकर की दरिंदगी
हरियाणा के फरीदाबाद की रहने वाली 17 वर्षीय नाबालिग लड़की सोमवार शाम करीब 7 बजे अपने दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर में दर्शन करने आई थी। पूजा-अर्चना के बाद दोनों टहलते हुए पास ही स्थित आस्था कुंज पार्क में चले गए। तभी बचपन के दोस्त आसिफ, हेमंत और मुकेश वहां पहुंचे। तीनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को डराया-धमकाया और उनका वीडियो बनाने लगे।
इसके बाद आरोपियों ने दोस्त को बंधक बना लिया और पीड़िता को पार्क के अंदर बने एक सुनसान व जर्जर मकान में ले जाकर बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। पीड़िता ने किसी तरह बाहर आकर अपने दोस्त के फोन से पुलिस को घटना की सूचना दी।
कानून के जानकार आरोपी की चालाकी: साक्ष्य मिटाने के लिए धोए कपड़े
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी हेमंत और मुकेश तुरंत अपने घर पहुंचे और फॉरेंसिक सबूत नष्ट करने की नीयत से घटना के वक्त पहने गए कपड़ों और लोअर को धो डाला। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी हेमंत कानून (LL.B) की पढ़ाई कर चुका है। माना जा रहा है कि कानून की जानकारी होने के कारण ही उसने साक्ष्य मिटाने की नीयत से यह चालाकी दिखाई। पुलिस जल्द ही तीनों आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर गहराई से पूछताछ करेगी।
150 एकड़ का विशाल पार्क, सुरक्षा के नाम पर सिर्फ नाममात्र के गार्ड
इस खौफनाक वारदात ने दिल्ली के पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। 150 एकड़ में फैले आस्था कुंज पार्क की सुरक्षा के लिए महज 27 गार्ड तैनात हैं, जो तीन अलग-अलग शिफ्टों में ड्यूटी करते हैं। जिस जगह वारदात हुई, वहां स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी थीं और चारों तरफ अंधेरा था। हालांकि पार्क के 8 में से 4 गेट खुले रहते हैं, लेकिन कई जगहों से बाउंड्री वॉल टूटी होने के कारण असामाजिक तत्व बेरोकटोक अंदर दाखिल हो जाते हैं।
एक्शन में दिल्ली LG तरनजीत सिंह संधू: सुरक्षा ऑडिट और पिंक पुलिस के निर्देश
पार्क की बदहाली और गैंगरेप की घटना पर दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित सख्त निर्देश जारी किए हैं:
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एक सप्ताह में सुरक्षा ऑडिट: दिल्ली के सभी पार्कों का एक सप्ताह के भीतर व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराया जाए।
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लाइटिंग और CCTV: पार्कों में पर्याप्त रोशनी, नियमित पुलिस गश्त और क्रियाशील सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किए जाएं।
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पिंक पुलिस की तैनाती: महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करने के लिए पार्कों में ‘पिंक पुलिस’ कर्मियों की तैनाती की संभावनाओं पर तेजी से काम हो।
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रखरखाव में साझेदारी: DDA और MCD को निर्देश दिया गया है कि वे RWA, निजी संस्थाओं और शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर पार्कों का रखरखाव बेहतर बनाएं।












