Share Market Pre-Open Rules: NSE और BSE ने बदले प्री-ओपन सेशन के नियम, जानिए रिटेल निवेशकों पर क्या होगा असर

अगर आप भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में ट्रेडिंग या निवेश करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। देश के प्रमुख शेयर बाजारों—नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE)—ने प्री-ओपन सेशन (सुबह 9:00 बजे से 9:15 बजे) की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों को अधिक पारदर्शी बनाने और कीमतों में हेराफेरी रोकने के उद्देश्य से लागू किया गया है।

जानिए क्या-क्या बदले नियम और क्या है नया शेड्यूल?

  • सुबह 9:00 से 9:05 बजे (पहला फेज): इस 5 मिनट की विंडो में निवेशक मार्केट ऑर्डर (Market Order) और लिमिट ऑर्डर (Limit Order), दोनों प्रकार के ऑर्डर दर्ज कर सकते हैं, उनमें बदलाव कर सकते हैं या उन्हें रद्द कर सकते हैं।

  • सुबह 9:05 से 9:10 बजे (दूसरा फेज): इस दौरान केवल लिमिट ऑर्डर ही स्वीकार किए जाएंगे। यदि कोई निवेशक 9:05 बजे के बाद मार्केट ऑर्डर डालने की कोशिश करेगा, तो सिस्टम द्वारा उसे रिजेक्ट (रद्द) कर दिया जाएगा। इसके अलावा, इस विंडो के अंतिम समय में सिस्टम-संचालित रैंडम क्लोज (Random Close) की व्यवस्था लागू होगी।

  • सुबह 9:10 से 9:12 बजे (ऑर्डर मैचिंग): इस समय के दौरान शेयरों की कीमतें तय होंगी (Price Discovery) और ऑर्डर्स की मैचिंग प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

  • सुबह 9:12 से 9:15 बजे (बफर पीरियड): इस समय में बाजार को 9:15 बजे से शुरू होने वाले नियमित ट्रेडिंग सेशन (Continuous Trading Session) में सुचारू रूप से ट्रांजिशन कराया जाएगा।

निवेशकों पर क्या पड़ेगा इसका असर?

  • 9:05 बजे से पहले डालने होंगे मार्केट ऑर्डर: ओवरनाइट ग्लोबल मार्केट या किसी बड़ी खबर के आधार पर मार्केट प्राइस पर शेयर खरीदने या बेचने वाले ट्रेडर्स को अपने मार्केट ऑर्डर 9:05 बजे से पहले ही पंच करने होंगे।

  • बाजार में फर्जी ऑर्डर व हेराफेरी पर लगाम: पहले कुछ बड़े प्लेयर्स प्री-ओपन सेशन के आखिरी मिनटों में बड़े साइज के फर्जी मार्केट ऑर्डर डालकर शेयर की कीमतों को कृत्रिम रूप से प्रभावित करते थे और मैचिंग से ठीक पहले रद्द कर देते थे। अब 9:05 बजे के बाद मार्केट ऑर्डर बंद होने से यह गड़बड़ी रुक जाएगी।

  • सटीक प्राइस डिस्कवरी और लिक्विडिटी: 9:05 से 9:10 बजे के बीच आने वाले लिमिट ऑर्डर्स बाजार में पर्याप्त लिक्विडिटी प्रदान करेंगे, जिससे शुरुआती कीमतों का सही और स्थिर आकलन करने में मदद मिलेगी।

  • कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव से राहत: 9:05 से 9:10 बजे के बीच मार्केट ऑर्डर न होने के कारण शेयरों की कीमतों में अचानक अस्वाभाविक उछाल या गिरावट देखने को नहीं मिलेगी। यह ढांचा हाल ही में शुरू की गई क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) प्रक्रिया के समान तैयार किया गया है।

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी प्रकार के निवेश या ट्रेडिंग से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।) 

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha