सीतापुर : कसान मोर्चा ने बदहाल विद्युत व्यवस्था को लेकर खोला मोर्चा

सीतापुर। समूचे जनपद में विद्युत व्यवस्था की बदहाल व्यवस्था को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा विगत 08 जून को जिलाधिकारी को प्रेषित ज्ञापन द्वारा अवगत कराया गया था जिसका अभी तक समस्याओं का निराकरण न होने के कारण आज 11 जून को अधीक्षण अभियंता विद्युत के आवास पर किसानों द्वारा अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया गया।

धरना स्थल पर उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए मोर्चा संयोजक पिंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा किसानों के लिए 18 घंटे विद्युत आपूर्ति की घोषणा की गई थी, परंतु हकीकत में बमुश्किल तीन चार घंटे की आपूर्ति में भी कई बार कटौती की जाती और लो वोल्टेज की समस्या भी अक्सर रहती है।

अधीक्षण अभियंता विद्युत के आवास पर किसानों ने शुरू किया अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन

जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। संगतिन मजदूर संगठन से ऋचा सिंह ने कहा कि हम सभी को अपनी समस्याओं से निजात के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना होगा अगर समाधान सीधी उंगलियों से नहीं होता फिर हम सभी को उंगलिया टेढ़ी करना भी आता है।

किसान मंच प्रदेश प्रभारी शिव प्रकाश सिंह ने कहा कि विभाग से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा बंद कमरों से पारित प्रस्तावों से हम किसानों को बहुत समस्याएं हैं। झरेखापुर उपकेन्द्र से संबद्ध ग्रामीण क्षेत्रों में ग्यारह हजार वोल्टेज लाइन की जर्जर व्यवस्था के लिए विगत दो वर्ष पूर्व भेजे गए स्टीमेट की स्वीकृति न होने के साथ ही काफी दूर बिसवां फीडर से जोड़ने का कारण समझ से परे है।

अविलंब इन समस्याओं का निराकरण किया जाए। सिक्ख संगठन जिला अध्यक्ष गुरुपाल सिंह ने रामकोट उपकेंद्र सहित क्षेत्र की समस्यायों से अवगत कराते हुए मुख्यमंत्री द्वारा किसानों के हित में की गई घोषणा पर अमल न करने का मुद्दा उठाया। अधीक्षण अभियंता सहित अधिशाषी अभियंताओ द्वारा उल्लेखित मुद्दों पर पंद्रह दिनों में निराकरण का लिखित पत्र मोर्चा पदाधिकारियों को देते हुए अमल करने का आश्वासन दिया है।

धरना स्थल पर किसान मंच महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष अल्पना सिंह, निर्भय सिंह, जसविंदर सिंह, मदन शर्मा, लखवीर सिंह, बिट्टो मौर्या, गुड्डी सिंह, बल्देव सिंह, रणजीत सिंह, कुलदीप सिंह, अमृतलाल सिंह, रणधीर सिंह संधू, श्री राम पांडे, गयाप्रसाद, रामदास सहित सैंकड़ों की संख्या में किसान उपस्थित थे।

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