
- सिटी मजिस्ट्रेट और इंजीनियर की कार्रवाई में नाम आने से भड़के विकास हिंदू, दी आमरण अनशन की चेतावनी
- आवास पर जुटी भारी भीड़, सदर कोतवाल की मध्यस्थता के बाद जिलाधिकारी से मिला प्रतिनिधिमंडल
Sitapur : मिरदही टोला में दो दिन पहले सिटी मजिस्ट्रेट और विनिमय क्षेत्र के इंजीनियर द्वारा अवैध प्लाटिंग पर चलाए गए बुलडोजर का मामला अब पूरी तरह गरमा गया है। इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में राष्ट्रीय हिंदू शेर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास चतुर्वेदी उर्फ विकास हिंदू का नाम घसीटे जाने के बाद इलाके का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। विकास हिंदू ने इस पूरी कार्रवाई में खुद को पूरी तरह बेकसूर बताते हुए सीधे प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर तीखा आक्रोश जताते हुए साफ कहा कि इस विवादित प्लाटिंग से उनका कोई लेना-देना नहीं है, सिर्फ उनकी सामाजिक छवि को धूमिल करने के लिए साजिशन उनका नाम घसीटा गया है। इसी के विरोध में आज, 9 जुलाई को उन्होंने बड़े आंदोलन और धरने की हुंकार भरी थी।
विकास हिंदू के इस एलान के बाद सुबह से ही उनके आवास पर सैकड़ों की संख्या में समर्थक और संगठन के कार्यकर्ता जुटना शुरू हो गए। माहौल को भांपते हुए सदर कोतवाल भारी पुलिस बल के साथ मुस्तैदी से उनके आवास पर धमक पड़े और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बनी, लेकिन कोतवाल ने सूझबूझ का परिचय देते हुए विकास हिंदू से लंबी वार्ता की। पुलिस ने बीच का रास्ता निकालते हुए प्रस्ताव रखा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वे केवल अपने चुनिंदा सहयोगियों के साथ चलकर सीधे जिलाधिकारी के सामने अपनी बात रखें।
पुलिस के इस प्रस्ताव पर सहमति बनने के बाद विकास हिंदू अपने तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी से मुलाकात कर प्रशासनिक कार्यशैली पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने दोटूक शब्दों में मांग की कि विनिमय क्षेत्र के जिस इंजीनियर (JE) ने इस अवैध प्लाटिंग में उनके नाम का उल्लेख किया है, वह या तो इसके पुख्ता साक्ष्य सार्वजनिक करे या फिर मीडिया के सामने लिखित रूप से माफी मांगे। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से जिले की सभी अवैध प्लाटिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर नियमपूर्वक कार्रवाई करने की मांग की। जिलाधिकारी से वार्ता के बाद उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने समय रहते उनकी मांगें नहीं मानी और उनका नाम इस मामले से नहीं हटाया, तो वे अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर आमरण अनशन पर बैठने के लिए पूरी तरह बाध्य होंगे।
जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद विकास हिंदू ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि जिलाधिकारी ने उन्हें आश्वस्त किया है कि संबंधित जेई द्वारा दिए गए बयान की जांच कराई जाएगी और एडीएम स्तर से तथ्यों की पुष्टि की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि अगले 72 घंटे के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला और उनका नाम इस मामले से नहीं हटाया गया, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
विकास हिंदू ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर शासन-प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की, तो वे धरना स्थल पर आमरण अनशन पर बैठने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।








