सोमनाथ मंदिर के 75 साल LIVE : पीएम मोदी ने किया शिखर पर महा-जलाभिषेक, आसमान में वायुसेना के जांबाजों ने दिखाया शौर्य

गिर सोमनाथ: प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के आंगन में आज भक्ति, शक्ति और राष्ट्रभक्ति का एक ऐसा त्रिवेणी संगम देखने को मिला, जिसने इतिहास रच दिया। अवसर था ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ का, जो मंदिर के आधुनिक पुनर्निर्माण के गौरवशाली 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक घड़ी का साक्षी बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सोमनाथ पहुंचे, जहां उन्होंने न केवल महादेव की विशेष महापूजा की, बल्कि राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की। पूरा मंदिर परिसर आज वेदों की ऋचाओं, शंखनाद और डमरूओं की गूंज से शिवमय हो उठा।

सरदार पटेल को नमन और 90 मीटर ऊंचे शिखर पर अलौकिक कुंभाभिषेक

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने प्रवास की शुरुआत लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की। यह एक भावुक क्षण था, क्योंकि सरदार पटेल ने ही आक्रांताओं द्वारा खंडित किए गए इस मंदिर के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया था। इसके बाद मंदिर के इतिहास में पहली बार एक ऐसा दृश्य दिखा जिसने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। देश के 11 पवित्र तीर्थों के जल से भरे 5 फुट ऊंचे विशाल कलश को क्रेन के जरिए 90 मीटर ऊंचे शिखर तक ले जाया गया। मंत्रोच्चार के बीच हुए इस ‘कुंभाभिषेक’ अनुष्ठान में पीएम मोदी ने पूर्ण श्रद्धा के साथ भाग लिया। शास्त्रों के अनुसार संपन्न हुआ यह जलाभिषेक आधुनिक भारत की आध्यात्मिक विजय का प्रतीक बन गया।

आसमान में सूर्य किरण टीम का हैरतअंगेज एयर शो और शौर्य प्रदर्शन

धार्मिक अनुष्ठानों के बीच जब आसमान में गर्जना हुई, तो श्रद्धालुओं की नजरें टिकी रह गईं। भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध ‘सूर्य किरण’ एरोबेटिक टीम ने सोमनाथ मंदिर के भव्य शिखर के ऊपर शौर्य का प्रदर्शन किया। छह हॉक एमके-132 विमानों ने जब आसमान में हैरतअंगेज फॉर्मेशन बनाए, तो ऐसा लगा मानो राष्ट्र की सुरक्षा शक्ति महादेव को नमन कर रही हो। मंदिर की वास्तुकला और वायुसेना के आधुनिक विमानों के बीच का यह तालमेल देख वहां मौजूद हजारों श्रद्धालु रोमांचित हो उठे।

जामनगर से सोमनाथ तक जनसैलाब और भक्ति का भव्य रोड शो

प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर गुजरात की जनता में भारी उत्साह देखा गया। जामनगर से लेकर सोमनाथ तक पीएम मोदी का अभूतपूर्व स्वागत हुआ। सोमनाथ की सड़कों पर आयोजित भव्य रोड शो में ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय सोमनाथ’ के जयघोष से दिशाएं गूंज उठीं। गुजरात सरकार और सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा की गई व्यवस्थाएं चाक-चौबंद थीं। पूरे मंदिर को विदेशी फूलों और विशेष लाइटिंग से दुल्हन की तरह सजाया गया है। रात के समय मंदिर की आभा किसी दिव्य लोक जैसी प्रतीत हो रही है। यह अमृत महोत्सव न केवल एक धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि इसने विकसित भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति के पुनर्जागरण का शंखनाद भी कर दिया।

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