पाकिस्तान में हाहाकार! आधी रात नहीं अब 8 बजते ही इस्लामाबाद में छा जाएगा सन्नाटा, सरकार के एक फैसले से मचा बवाल

इस्लामाबाद । कंगाली और भीषण आर्थिक मंदी की मार झेल रहे हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हर बीतते दिन के साथ वहां हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। अब ताजा संकट ऊर्जा (Energy Crisis) को लेकर खड़ा हो गया है, जिसने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को एक बार फिर कोरोना काल के लॉकडाउन जैसे मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। इस्लामाबाद में इन दिनों रात के 8 बजते ही चारों तरफ सन्नाटा पसर जाता है और सड़कों पर अंधेरा छा जाता है। दुकानें धड़ाधड़ बंद हो रही हैं और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं, जिससे वहां की रोजमर्रा की जिंदगी, व्यापार और उद्योग-धंधे पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं।

अमेरिका-ईरान तनाव की मार: पाकिस्तान को नहीं मिल रहा ईंधन

दरअसल, इस नए संकट के पीछे वैश्विक राजनीति और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता भयंकर तनाव है। पाकिस्तान अपनी ऊर्जा और बिजली जरूरतों के लिए पूरी तरह से आयातित ईंधन (Imported Fuel) पर निर्भर है। वह दूसरे देशों से भारी-भरकम रकम चुकाकर एलएनजी (LNG) और पेट्रोलियम पदार्थ मंगाता है। लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच पैदा हुए सैन्य व कूटनीतिक तनाव ने क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्ति चेन को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। विदेशी मुद्रा भंडार की कमी और ईंधन की किल्लत से जूझ रहे पाकिस्तान ने अब देश में ऊर्जा, ईंधन और सरकारी खजाने को बचाने के लिए इस्लामाबाद में संशोधित बाजार समय (Modified Market Timings) का कड़ा नियम फिर से थोप दिया है।

नए नियम: जानिए कब क्या बंद होगा और किसे मिली है छूट

जिला मजिस्ट्रेट द्वारा देर रात जारी की गई नई आधिकारिक गाइडलाइन के मुताबिक, इस्लामाबाद के सभी प्रमुख बाजार, कमर्शियल दुकानें और चमचमाते शॉपिंग मॉल्स अब रात को ठीक 8 बजे तक हर हाल में बंद कर दिए जाएंगे। हालांकि, आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए कुछ जरूरी सेक्टर को मामूली राहत दी गई है:

  • रात 10 बजे तक की छूट: किराने की दुकानें (Groceries), बेकरी, रेस्टोरेंट, होटल और तमाम तरह के फूड आउटलेट्स रात 10 बजे तक काम कर सकेंगे।

  • शादी-समारोहों पर भी पाबंदी: मैरिज हॉल, टेंट हाउस, पार्टी प्लेस और अन्य पारिवारिक या कमर्शियल कार्यक्रम स्थलों को भी रात 10 बजे तक ही खोलने की अनुमति दी गई है।

  • इन्हें मिली है पूरी आजादी: इमरजेंसी मेडिकल सेवाएं, मेडिकल स्टोर (फार्मेसी), पेट्रोल पंप, डेयरी की दुकानें, खेल सुविधाएं, कॉल सेंटर, डेटा सेंटर, आईटी (IT) और आईटीएस (ITES) कंपनियों को इस सख्त नियम से पूरी तरह बाहर रखा गया है, यानी ये चौबीसों घंटे काम कर सकते हैं।

उपायुक्त इरफान मेमन की सख्त चेतावनी: उल्लंघन किया तो खैर नहीं

इस्लामाबाद जिला प्रशासन के उपायुक्त (Deputy Commissioner) इरफान मेमन ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक नोटिस शेयर करते हुए इस फैसले की पुष्टि की है। जिला मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार, यह नया नियम अब पूरे सप्ताह यानी सातों दिन बेहद कड़ाई के साथ लागू रहेगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर किसी भी दुकानदार या मॉल मालिक ने रात 8 बजे के बाद शटर खुला रखने की जुर्रत की, तो उसके खिलाफ भारी जुर्माना और सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे व्यापारी, कहा— ‘बर्बाद हो जाएंगे हम’

दूसरी तरफ, शाहबाज शरीफ सरकार के इस फरमान के बाद पूरे पाकिस्तान के व्यापारी समुदाय में हाहाकार मच गया है। दुकानदारों ने इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है। ऑल पाकिस्तान इंजीनियर्स और ट्रेडर्स एसोसिएशन के नेताओं का तर्क है कि पाकिस्तान के पारंपरिक बाजार दोपहर में काफी देर से खुलते हैं और मुख्य खरीदारी रात 11 से 12 बजे के बीच ही होती है। ऐसे में दुकानों को रात 8 बजे ही जबरन बंद कराने के सरकारी आदेश से उनकी दैनिक कमाई आधी रह जाएगी, जिससे खासकर छोटे और मध्यम दर्जे के दुकानदार पूरी तरह से कंगाल और कर्जदार हो जाएंगे।

ईद के बाद जून में फिर लौटी सख्ती

गौतलब है कि पाकिस्तान सरकार ने बिजली और ईंधन बचाने के लिए यह सख्त नियम इसी साल मार्च महीने में ही तैयार कर लिया था। लेकिन तब रमजान और ईद-उल-फितर के त्योहार को देखते हुए व्यापारियों को कुछ समय की ढील दी गई थी। अब जैसे ही जून महीने की शुरुआत हुई है, सरकार ने बिना कोई मोहलत दिए बाजारों के लिए नई समयसीमा को दोबारा लागू कर दिया है। सरकार का दावा है कि इस कड़े कदम से देश के ऊर्जा संकट और बिजली लोडशेडिंग को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा, लेकिन जनता के लिए यह फैसला किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है।

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