
नई दिल्ली। मानसून सत्र के अब महज चार दिन शेष हैं और ऐसे में संसद की कार्यवाही पर सरकार और विपक्ष, दोनों की नजर बनी हुई है। नीट समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच सोमवार को भी लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। बाद में लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी हंगामा जारी रहा और अंततः सदन को अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
विपक्ष के विरोध के बीच सरकार के सामने महिला आरक्षण, परिसीमन और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की चुनौती भी बनी हुई है। हालांकि, इन मुद्दों पर सरकार की रणनीति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
बिना चर्चा लोकसभा में पास हुआ न्यायाधिकरण सुधार विधेयक
लोकसभा में विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026 को बिना चर्चा के पारित कर दिया गया। सदन में लगातार शोर-शराबे के कारण विधेयक पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी।
मानसून सत्र के दौरान लगातार हंगामे के चलते सदन का कामकाज प्रभावित हो रहा है। विपक्ष नीट समेत कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है। इसी वजह से सदन में सामान्य विधायी कामकाज भी प्रभावित हुआ है।
महुआ मोइत्रा ने भाजपा पर लगाया गंभीर आरोप
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कथित हमले को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इस घटना के पीछे भाजपा की भूमिका है और पार्टी ने कथित तौर पर कुछ हमलावरों की पहचान भी कर ली है।
मोइत्रा ने भाजपा के उस दावे को खारिज किया, जिसमें कथित हमलावरों को आम लोग बताया गया था। उन्होंने कहा कि बंगाल का कोई सामान्य नागरिक ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए उन पर शारीरिक हमला नहीं कर सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे भाजपा से जुड़े लोग हो सकते हैं।
हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया और मामले की स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष अलग-अलग पहलुओं को स्पष्ट कर सकते हैं। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं।
लगातार हंगामे के बीच लोकसभा स्थगित
संसद के मानसून सत्र में विपक्षी दलों का विरोध लगातार जारी है। सोमवार को भी नारेबाजी और हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। अंत में सदन को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
सत्र के केवल चार दिन बाकी होने के कारण अब यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि सरकार लंबित विधेयकों और प्रस्तावों को किस तरह आगे बढ़ाएगी। दूसरी ओर, विपक्ष भी अपने मुद्दों पर चर्चा और सरकार से जवाब की मांग को लेकर पीछे हटने के संकेत नहीं दे रहा है।
कम या शून्य टीडीएस के लिए ऑनलाइन आवेदन की तैयारी
संसद में आयकर से जुड़ी एक अहम जानकारी भी सामने आई। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि आयकर विभाग वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में किए गए प्रावधान को लागू करने के लिए नियम तैयार कर रहा है। इसके तहत करदाताओं को कम या शून्य दर पर टीडीएस कटौती के प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने बताया कि आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 395(1) में स्रोत पर कर कटौती यानी टीडीएस को शून्य या कम दर पर किए जाने के प्रमाणपत्र का प्रावधान है।
वित्त अधिनियम, 2026 के जरिए छोटे करदाताओं पर अनुपालन का बोझ कम करने के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आवेदन करने की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। निर्धारित शर्तें पूरी होने पर संबंधित प्रमाणपत्र जारी किया जा सकेगा या आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है।
वित्त राज्य मंत्री ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि इस सुविधा को लागू करने के लिए आवश्यक नियम फिलहाल तैयार किए जा रहे हैं। नियम तैयार होने के बाद उन्हें उचित समय पर अधिसूचित किया जाएगा।
अब आगे क्या?
मानसून सत्र के अंतिम चार दिनों में संसद की कार्यवाही किस तरह आगे बढ़ती है, यह सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध पर निर्भर करेगा। एक ओर सरकार लंबित विधेयकों को पारित कराने की कोशिश में है, वहीं विपक्ष नीट समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और जवाब की मांग कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी संसद में हंगामा और राजनीतिक टकराव जारी रहने की संभावना बनी हुई है।











