नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान जेल भेजे गए, 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था और शनिवार को हल्दिया सब-डिविजनल कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

मिलन प्रधान की न्यायिक हिरासत की अवधि चुनाव प्रचार की अंतिम तारीख से पहले तक है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 4 अक्टूबर प्रचार का अंतिम दिन है। ऐसे में मौजूदा स्थिति में मिलन प्रधान स्वयं चुनाव प्रचार में शामिल नहीं हो सकेंगे। हालांकि कांग्रेस ने कहा है कि वह उम्मीदवार की गैरमौजूदगी में भी अपना चुनाव अभियान जारी रखेगी।

2007 के मामलों में लंबित थे चार गैर-जमानती वारंट

पूर्व मेदिनीपुर जिला पुलिस के अनुसार मिलन प्रधान के खिलाफ नंदीग्राम और खेजुरी थानों में दर्ज 2007 के मामलों से जुड़े चार लंबित गैर-जमानती वारंट थे। पुलिस के मुताबिक इन्हीं वारंटों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी की गई।

इन मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, सबूत मिटाने, हथियारों के साथ दंगा और अन्य गंभीर धाराओं के आरोप शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन मामलों में लंबे समय से वारंट लंबित थे और वारंट के तामील की पहले भी कोशिशें की गई थीं।

मामलों में नंदीग्राम थाना केस नंबर 75/07, 188/07 और 221/07 तथा खेजुरी थाना केस नंबर 44/07 शामिल हैं। इनमें भारतीय दंड संहिता की हत्या समेत कई धाराएं और कुछ मामलों में आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गई थीं। ये आरोप अदालत में विचाराधीन हैं और आरोप अपने आप में दोष सिद्धि नहीं हैं।

गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद

मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई, जब नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर राजनीतिक घटनाक्रम तेज था। पुलिस ने कहा है कि लंबित गैर-जमानती वारंटों के क्रियान्वयन के तहत कार्रवाई की गई। जिला पुलिस के मुताबिक चुनाव और उपचुनाव के दौरान लंबित वारंटों के निष्पादन को लेकर चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत भी कार्रवाई की जाती है।

वहीं कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय और परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने कहा है कि उम्मीदवार के जेल जाने के बावजूद वह चुनाव मैदान से पीछे नहीं हटेगी और कार्यकर्ता प्रचार जारी रखेंगे। इन राजनीतिक दावों पर संबंधित पक्षों के अलग-अलग बयान सामने आए हैं।

ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार को दिया समर्थन

मिलन प्रधान की गिरफ्तारी से पहले नंदीग्राम में एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ। ममता बनर्जी के गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की।

इस घटनाक्रम के कुछ ही समय बाद मिलन प्रधान की गिरफ्तारी हुई, जिसके बाद उपचुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।

नंदीग्राम से बीजेपी की उम्मीदवार कौन?

नंदीग्राम सीट 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी के दो सीटों से जीतने और बाद में नंदीग्राम सीट छोड़ने के कारण खाली हुई है। उपचुनाव के लिए बीजेपी ने हासीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। वह शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत करीबी सहयोगी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के भीतर अलग-अलग गुटों के बीच भी नंदीग्राम सीट को लेकर मुकाबला है। ममता बनर्जी के गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस को समर्थन दिया है, जबकि दूसरे टीएमसी गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है।

6 अक्टूबर को मतदान

नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा और मतगणना 9 अक्टूबर को की जाएगी। उपचुनाव से पहले उम्मीदवार की गिरफ्तारी, नामांकन वापसी और कांग्रेस को ममता बनर्जी के समर्थन के बाद नंदीग्राम का चुनावी मुकाबला चर्चा में है।

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