सुप्रिया सुले समेत PM मोदी से मिले NCP शरद पवार गुट के सभी 8 सांसद , परिसीमन बिल पर समर्थन की अटकलों से महाराष्ट्र की सियासत गरम

 

नई दिल्ली। महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर अटकलों का दौर तेज हो गया है। इसकी वजह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शरद पवार गुट के सभी आठ सांसदों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात है। सुप्रिया सुले के नेतृत्व में NCP (शरद पवार गुट) के सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच करीब 15 से 20 मिनट तक बैठक हुई।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान सांसदों ने अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे प्रधानमंत्री के सामने रखे। बीड से सांसद बजरंग सोनवणे ने सोलापुर के उजनी डैम से बीड जिले को पानी उपलब्ध कराने की मांग उठाई। वहीं, शिरूर से सांसद अमोल कोल्हे ने नासिक-पुणे रेलवे लाइन से जुड़े विवाद का मुद्दा प्रधानमंत्री के सामने रखा।

भिवंडी से सांसद बालू मामा म्हात्रे ने नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम भूमिपुत्र डी.बी. पाटिल के नाम पर रखने की मांग की। इसके अलावा किसानों से जुड़े कई मुद्दों पर भी प्रधानमंत्री के साथ चर्चा हुई।

परिसीमन बिल को लेकर बढ़ी सियासी हलचल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई इस मुलाकात के बाद सबसे ज्यादा चर्चा परिसीमन बिल को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि NCP के शरद पवार गुट के सभी आठ सांसद परिसीमन बिल के मुद्दे पर मोदी सरकार का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन कर सकते हैं।

हालांकि, पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है। इसलिए फिलहाल इसे सिर्फ राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।

NCP के शरद पवार गुट के पास लोकसभा में आठ सांसद हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री के साथ सभी सांसदों की एक साथ हुई मुलाकात को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।

इससे पहले भी PM मोदी से मिल चुके हैं शरद पवार और सुप्रिया सुले

प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार गुट के नेताओं के बीच मुलाकात का यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले 22 जुलाई को शरद पवार और सुप्रिया सुले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर चुके हैं।

अब NCP शरद पवार गुट के सभी आठ सांसदों की प्रधानमंत्री के साथ बैठक ने इन राजनीतिक मुलाकातों को लेकर चर्चाओं को और हवा दे दी है। हालांकि, इन बैठकों को लेकर किसी तरह के राजनीतिक गठजोड़ या समर्थन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सुप्रिया सुले ने बताया महाराष्ट्र के विकास से जुड़ी बैठक

मुलाकात के बाद सुप्रिया सुले ने इसे महाराष्ट्र से जुड़े विकास कार्यों और राज्य के विभिन्न मुद्दों को प्रधानमंत्री के सामने रखने वाली बैठक बताया। उन्होंने कहा कि सांसदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विकास योजनाओं से जुड़े विषय प्रधानमंत्री के सामने रखे।

सुप्रिया सुले ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी FCRA बिल का विरोध करेगी। उन्होंने बैठक को लेकर लगाए जा रहे राजनीतिक कयासों के बीच अपनी पार्टी का रुख भी साफ किया।

नवनीत राणा बोलीं- महाराष्ट्र के विकास के लिए मिल रहे हैं तो कोई बुरी बात नहीं

प्रधानमंत्री मोदी और NCP शरद पवार गुट के सांसदों की मुलाकात पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। महाराष्ट्र बीजेपी नेत्री नवनीत राणा ने इस मुलाकात को लेकर कहा कि अगर शरद पवार गुट के सांसद महाराष्ट्र के विकास के मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री से मिल रहे हैं तो इसमें कोई बुरी बात नहीं है।

मीडिया से बातचीत में नवनीत राणा ने कहा, “महाराष्ट्र के विकास के लिए अगर शरद पवार जी के सांसद मिल रहे हैं। मुझे लगता है कि वो महाराष्ट्र की और प्रगति के बारे में सोच रहे हैं और इस सोच के साथ पीएम मोदी से मिल रहे हैं तो इसमें कोई बुरी बात नहीं है।”

MVA को लेकर भी बढ़ी चर्चा

इस मुलाकात के बाद महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी (MVA) को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि शरद पवार गुट और बीजेपी के बीच किसी तरह की राजनीतिक नजदीकी आगे चलकर MVA के लिए चुनौती बन सकती है।

हालांकि, फिलहाल न तो NCP शरद पवार गुट की ओर से बीजेपी के साथ किसी तरह के गठजोड़ या समर्थन का संकेत दिया गया है और न ही ऐसी किसी संभावित राजनीतिक रणनीति की आधिकारिक पुष्टि हुई है।

फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और NCP शरद पवार गुट के आठों सांसदों की मुलाकात को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में चर्चाओं का दौर जारी है। बैठक में उठाए गए क्षेत्रीय मुद्दों के साथ-साथ परिसीमन बिल और आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha