गाजीपुर/लखनऊ। पूर्वांचल की राजनीति के प्रमुख चेहरा और गाजीपुर से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अफजाल अंसारी की शुक्रवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। पिछले तीन-चार दिनों से बुखार से पीड़ित सांसद को शुक्रवार शाम सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें कई बार उल्टियां भी हुईं। हालत चिंताजनक होने पर परिजन उन्हें एंबुलेंस के जरिए तत्काल लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।
मुहम्मदाबाद आवास पर बिगड़ी सेहत, रात में ही एंबुलेंस से लाए गए लखनऊ
सांसद के प्रतिनिधि बलिराम पटेल द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, अफजाल अंसारी मुहम्मदाबाद स्थित अपने पैतृक आवास पर मौजूद थे। उन्हें पिछले तीन-चार दिनों से लगातार बुखार आ रहा था, जिसके लिए स्थानीय चिकित्सकों की सलाह पर दवाइयां दी जा रही थीं।
हालांकि, शुक्रवार शाम को अचानक उनके सीने में दर्द उठा और तीन-चार बार लगातार उल्टियां होने से उनका शरीर काफी कमजोर हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने बिना देरी किए उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराने का फैसला लिया। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनकी हालत पहले से कुछ बेहतर और स्थिर बताई जा रही है।
अब्बास अंसारी ने सोशल मीडिया पर की दुआओं की अपील, समर्थकों में बढ़ी चिंता
सांसद की अचानक तबीयत खराब होने और अस्पताल में भर्ती होने की खबर उनके भतीजे व मऊ से विधायक अब्बास अंसारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। अब्बास अंसारी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर लिखा, “बड़े अब्बा जनाब अफ़ज़ाल अंसारी साहब (सांसद गाज़ीपुर) की तबीयत अचानक खराब हो गई है, लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती हैं। आप सभी से उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआओं की गुजारिश है।”
इस खबर के सामने आते ही गाजीपुर समेत पूरे पूर्वांचल में उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में चिंता की लहर दौड़ गई। क्षेत्र के लोग और समर्थक सोशल मीडिया पर उनके जल्द से जल्द सेहतमंद होने की दुआएं कर रहे हैं।
पूर्वांचल की राजनीति के धुरंधर चेहरा हैं अफजाल अंसारी
अफजाल अंसारी गाजीपुर और पूर्वांचल की सियासत के सबसे कद्दावर और चर्चित चेहरों में गिने जाते हैं। उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से उनके और उनके परिवार से जुड़ी संपत्तियों व मामलों पर लगातार प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली है। अपने भाई मुख्तार अंसारी के निधन के बाद परिवार की राजनीतिक विरासत और सामाजिक जिम्मेदारियों की कमान संभालने में अफजाल अंसारी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।
















